Saturday, 29 August 2026

रीट भर्ती घोटाला: एसओजी ने 121 शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज, फर्जी दस्तावेज और फोटो-हस्ताक्षर में गड़बड़ी का खुलासा


रीट भर्ती घोटाला: एसओजी ने 121 शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज, फर्जी दस्तावेज और फोटो-हस्ताक्षर में गड़बड़ी का खुलासा

जयपुर। राजस्थान में रीट 2018 और 2022 भर्ती परीक्षा में फर्जी तरीके से नौकरी पाने के मामले में स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) ने रविवार को 121 शिक्षकों के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर की जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई। राज्य सरकार ने पिछले 5 वर्षों में हुई भर्तियों की जांच कर रिपोर्ट एसओजी को सौंपने के निर्देश दिए थे।

निदेशालय ने प्रत्येक संभाग के लिए 4 सदस्यीय जांच कमेटियां गठित की थीं। जांच में सामने आया कि कई मामलों में परीक्षा देने वाला और नौकरी करने वाला व्यक्ति अलग-अलग है। फोटो और हस्ताक्षर मेल नहीं खा रहे, वहीं डिग्री और रीट प्रमाण पत्र भी संदिग्ध पाए गए। पहली एफआईआर में 49 और दूसरी में 72 शिक्षकों के नाम शामिल हैं। इनमें जालोर के 114, उदयपुर के 4, पाली के 2 और जयपुर का 1 शिक्षक है।

एसओजी के अनुसार जयपुर स्थित शिक्षा संकुल से पेपर लीक हुआ था, जिसे एक करोड़ रुपये में बेचा गया। इस घोटाले में पहले ही राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के तत्कालीन अध्यक्ष डीपी जारोली को बर्खास्त और सचिव को निलंबित किया जा चुका है। विपक्ष ने मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि रीट लेवल-2 को रद्द करने के बावजूद फर्जी नियुक्तियों का सिलसिला जारी रहा और विस्तृत जांच में और नाम सामने आ सकते हैं।

297 नियुक्तियां संदिग्ध, निलंबन की तैयारी: शिक्षा विभाग की जांच में अब तक 297 नियुक्तियां संदेह के घेरे में आई हैं, जिनमें शिक्षक, पीटीआई, लाइब्रेरी सहायक और अन्य पद शामिल हैं। आरोपियों की सूची विभाग को भेज दी गई है और जल्द निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।

पेपर लीक से जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग केस: ईडी ने पेपर लीक से जुड़े मामले में जयपुर के निजी स्कूल संचालक राम कृपाल मीणा को गिरफ्तार किया था। उन पर 1.03 करोड़ रुपये में पेपर खरीदकर बेचने का आरोप है।

एसआई भर्ती और ‘फर्जी तलाक’ मामलों की भी जांच: इसी बीच एसआई भर्ती पेपर लीक मामले में हेड कांस्टेबल राजकुमार यादव की संलिप्तता सामने आई, जो अपने 31 साल के करियर में ज्यादातर समय मंत्रियों के पीएसओ रहे। दूसरी ओर कर्मचारी चयन बोर्ड ने फर्जी तलाक के आधार पर नौकरी पाने की 12 शिकायतों की जांच एसओजी को सौंपी है। तलाकशुदा महिलाओं के लिए कम कटऑफ का फायदा उठाने के लिए कई ने केवल कागजों में तलाक लेकर नौकरी हासिल की है। बोर्ड अध्यक्ष आलोक राज ने कहा कि दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।

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