



जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से 7वें राज्य वित्त आयोग के नवनियुक्त अध्यक्ष अरूण चतुर्वेदी ने सोमवार को मुख्यमंत्री निवास पर शिष्टाचार भेंट की। नियुक्ति के उपरांत यह उनकी मुख्यमंत्री शर्मा से पहली मुलाकात थी। इस दौरान राज्य के पंचायतीराज संस्थाओं और नगरीय निकायों की वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने संबंधी विषयों पर गहन चर्चा हुई।
चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री शर्मा शरको राज्य वित्त आयोग के कार्यक्षेत्र, प्राथमिकताओं और आगामी कार्ययोजना के बारे में अवगत कराया। उन्होंने बताया कि आयोग अपने डेढ़ वर्ष के कार्यकाल में पंचायतीराज और स्थानीय निकाय संस्थाओं के लिए वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन, बजट आवंटन की प्राथमिकताओं तथा राजस्व संग्रहण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के संबंध में नीतिगत सिफारिशें देगा।
वित्त आयोग न केवल स्थानीय निकायों की वर्तमान वित्तीय स्थिति की समीक्षा करेगा, बल्कि उनकी राजस्व सृजन क्षमता बढ़ाने के लिए आवश्यक संरचनात्मक और प्रशासनिक सुधारों पर भी सुझाव देगा। साथ ही, आयोग यह भी सिफारिश करेगा कि पंचायत एवं नगर निकाय क्षेत्रों में कर, शुल्क, ड्यूटी और अन्य स्थानीय राजस्व के संग्रहण को कैसे बेहतर बनाया जा सकता है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने चतुर्वेदी को उनकी नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हुए आशा व्यक्त की कि उनकी अगुवाई में राज्य वित्त आयोग प्रभावी और व्यवहारिक सिफारिशें देगा, जिससे ग्राम पंचायतों से लेकर नगर निगमों तक स्थानीय शासन की वित्तीय स्थिति को मजबूती मिल सकेगी।