Saturday, 29 August 2026

राज्य स्तरीय संपूर्णता अभियान सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अंत्योदय, सुशासन और समावेशी विकास को बताया राज्य सरकार की प्राथमिकता


राज्य स्तरीय संपूर्णता अभियान सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अंत्योदय, सुशासन और समावेशी विकास को बताया राज्य सरकार की प्राथमिकता

जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सोमवार को एचसीएम रीपा में आयोजित राज्य स्तरीय संपूर्णता अभियान सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आरंभ किए गए ‘आशान्वित जिला’ और ‘आशान्वित ब्लॉक’ कार्यक्रमों ने सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़े क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम पंडित दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. भीमराव अंबेडकर के अंत्योदय के विचारों से प्रेरित हैं, जिनके माध्यम से अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सशक्त किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि नीति आयोग द्वारा निर्धारित स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, वित्तीय समावेशन और आधारभूत संरचना जैसे छह प्रमुख संकेतकों के आधार पर चयनित जिलों और ब्लॉकों में समग्र विकास के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। राजस्थान के बारां, जैसलमेर, धौलपुर, करौली और सिरोही जिलों के साथ 2023 में 27 ब्लॉकों को भी इस योजना में सम्मिलित किया गया। मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि इन जिलों और ब्लॉकों ने संकेतकों की पूर्ति में उत्कृष्ट प्रगति की है, जिससे सुशासन और समावेशी विकास को नई गति मिली है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शर्मा ने नीति आयोग द्वारा निर्धारित छह प्रमुख संकेतकों की पूर्ण संतृप्ति प्राप्त करने वाले जिलों और ब्लॉकों को सम्मानित किया। करौली जिले को स्वर्ण पदक से, जबकि बारां, धौलपुर, जैसलमेर और सिरोही को कांस्य पदक से नवाजा गया। वहीं, जायल (नागौर), रानी (पाली) और खैरवाड़ा (उदयपुर) ब्लॉक को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। साथ ही 23 अन्य ब्लॉकों को रजत, कांस्य एवं ताम्र श्रेणियों में पुरस्कृत किया गया।

मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि ‘गुरु गोलवलकर आकांक्षी ब्लॉक विकास योजना’ के अंतर्गत 41 ब्लॉकों में नवाचार और बहुआयामी विकास के माध्यम से उन्हें विकसित ब्लॉकों की श्रेणी में लाने का प्रयास जारी है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा ‘विकसित राजस्थान 2047’ विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया जा रहा है, जिसमें भावी पीढ़ियों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालीन योजनाएं सम्मिलित की जा रही हैं।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में मुख्यमंत्री ने ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान का उल्लेख किया, जो प्रधानमंत्री के ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से प्रेरित है। उन्होंने बताया कि हरियाली तीज के अवसर पर राज्यभर में ढाई करोड़ पौधारोपण कर नया रिकॉर्ड स्थापित किया गया है, और वर्ष 2025 के लिए 10 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कार्यक्रम में नीति आयोग के अतिरिक्त सचिव रोहित कुमार, मुख्य सचिव सुधांश पंत, एचसीएम रीपा की महानिदेशक श्रीमती श्रेया गुहा, आयोजना विभाग के प्रमुख शासन सचिव भवानी सिंह देथा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, चयनित जिलों के प्रतिनिधि और सम्मानित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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