Saturday, 29 August 2026

राजकीय स्कूल, कॉलेज, भवनों और पुलों की सुरक्षा के लिए स्थायी समितियों का गठन: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल


राजकीय स्कूल, कॉलेज, भवनों और पुलों की सुरक्षा के लिए स्थायी समितियों का गठन: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की पहल

झालावाड़ के पीपलोदी गांव में हुए विद्यालय हादसे के बाद, राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए सभी सरकारी स्कूलों, छात्रावासों, कॉलेजों, चिकित्सा भवनों, राजकीय भवनों, सड़कों और पुल-पुलियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्थायी समितियों का गठन किया है। यह निर्णय मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर लिया गया, जिन्होंने हाल ही में उच्चस्तरीय बैठक कर सुरक्षा उपायों की समीक्षा की थी।

मुख्य सचिव सुधांश पंत द्वारा जारी आदेशों के तहत राज्य स्तर पर गठित स्थायी समिति की अध्यक्षता अतिरिक्त मुख्य सचिव (PWD) करेंगे। इसके अतिरिक्त विभिन्न विभागों के वरिष्ठ सचिवों या उनके प्रतिनिधियों को समिति में शामिल किया गया है, जिसमें शिक्षा, चिकित्सा, नगरीय विकास, ऊर्जा, कृषि, वित्त आदि विभाग प्रमुख रूप से शामिल हैं।

समिति का उद्देश्य हर वर्ष 15 जून से पहले सभी असुरक्षित भवनों और पुलों की मरम्मत पूर्ण कराना, उनका सुरक्षा ऑडिट कराना और आवश्यकतानुसार उन्हें ध्वस्त कर नया निर्माण सुनिश्चित कराना है। समिति समयबद्ध समीक्षा करेगी और प्रत्येक माह इसकी प्रगति का मूल्यांकन किया जाएगा।

जिला स्तर पर भी स्थायी समितियों का गठन किया गया है, जिनकी अध्यक्षता संबंधित जिला कलेक्टर करेंगे। इसमें PWD, विद्युत वितरण निगम, जिला शिक्षा अधिकारी, सीएमएचओ सहित अन्य संबंधित अधिकारी शामिल रहेंगे। ये समितियां उपखंड स्तर तक जाकर असुरक्षित भवनों, पुलों, रपटों, जलभराव और अन्य दुर्घटनाओं के जोखिमों का आकलन करेंगी और समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित करेंगी।

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि बिजली करंट, भवन गिरने, पुल टूटने, जलभराव आदि से होने वाली दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए यह समिति आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगी और जर्जर संरचनाओं को 'असुरक्षित' घोषित कर उन्हें ध्वस्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

यह निर्णय राज्य में सरकारी संरचनाओं की सुरक्षा, संरक्षण और जनहानि को रोकने की दिशा में एक मजबूत पहल है, जो हर वर्ष पूर्व मानसून सीजन में समीक्षा कर समय रहते सुधारात्मक कदम उठाएगी।

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