Saturday, 29 August 2026

जस्टिस यशवंत वर्मा कैश कांड: चीफ जस्टिस बीआर गवई ने खुद को सुनवाई से अलग किया, सुप्रीम कोर्ट में गठित होगी नई बेंच


जस्टिस यशवंत वर्मा कैश कांड: चीफ जस्टिस बीआर गवई ने खुद को सुनवाई से अलग किया, सुप्रीम कोर्ट में गठित होगी नई बेंच

जस्टिस यशवंत वर्मा के कथित कैश कांड से जुड़ी याचिका की सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस बीआर गवई ने खुद को अलग कर लिया है। बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा, "मेरे लिए इस केस की सुनवाई में शामिल होना उचित नहीं होगा, क्योंकि मैं पहले भी इसका हिस्सा रह चुका हूं।" यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब मामला संवेदनशील और न्यायपालिका की गरिमा से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।

मामला उस इन-हाउस कमेटी रिपोर्ट से संबंधित है, जिसमें जस्टिस वर्मा को उनके घर से कथित तौर पर नकद राशि मिलने के मामले में दोषी ठहराया गया है। 19 जुलाई को जस्टिस वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए इस रिपोर्ट को और उसके आधार पर की गई महाभियोग की सिफारिश को रद्द करने की अपील की थी।

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस वर्मा की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि यह मामला संविधान से जुड़े गंभीर प्रश्नों को उठाता है और शीघ्र नई पीठ गठित करने का अनुरोध किया। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि शीघ्र नई बेंच गठित की जाएगी जो मामले की सुनवाई करेगी।

इस बीच, संसद में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। 21 जुलाई को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को 152 सांसदों ने जस्टिस वर्मा को हटाने का ज्ञापन सौंपा। वहीं, राज्यसभा में 50 से अधिक सांसदों ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं।

इस पूरे घटनाक्रम को लेकर न्यायपालिका और संसद दोनों में हलचल तेज है और आने वाले दिनों में इस मामले में संवैधानिक और राजनीतिक दोनों तरह के असर देखने को मिल सकते हैं।

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