



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को कहा कि जयपुर का रत्न और आभूषण उद्योग हमारी सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का एक अभिन्न हिस्सा है, जिसे राज्य सरकार सशक्त बनाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। वे सीतापुरा स्थित जेईसीसी में ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर द्वारा आयोजित ज्वैलर्स एसोसिएशन शो-2025 के दूसरे दिन ज्वैलरी एमिनेंस अवार्ड्स समारोह को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि जयपुर की कुंदन, मीनाकारी और पारंपरिक ज्वैलरी कला दुनियाभर में प्रसिद्ध है और यहां के कारीगरों की दक्षता से यह उद्योग वैश्विक पहचान प्राप्त कर चुका है। उन्होंने जयपुर को 'विश्व की रत्न राजधानी' की उपाधि देने की बात कही और कहा कि युवाओं के लिए कौशल विकास प्रशिक्षण और महिलाओं की बढ़ती भागीदारी इस क्षेत्र को और अधिक व्यापक बना सकती है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार के MSME मंत्रालय ने JAS-2025 में भाग लेने वाले 60 प्रदर्शकों को अनुदान स्वीकृत किया है, जो केंद्र की इस क्षेत्र के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि राइजिंग राजस्थान इन्वेस्टमेंट समिट में राज्य को 35 लाख करोड़ रुपए से अधिक निवेश प्रस्ताव मिले हैं।
रत्न एवं आभूषण उद्योग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए सरकार द्वारा कई कदम उठाए गए हैं: सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र में दो विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZs) विकसित किए गए हैं। निर्यात संवर्धन औद्योगिक पार्क में 39 एकड़ में जेम्स एंड ज्वैलरी जोन बनाया गया है।बडगांव (सिरोही) में 15 हेक्टेयर भूमि पर इमिटेशन ज्वैलरी इंडस्ट्री के लिए जोन विकसित किया गया है। सीतापुरा में जेम बोर्स के लिए 44 हजार वर्ग मीटर भूमि आवंटित की गई है।
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि ज्वैलर्स एसोसिएशन जयपुर, एक शताब्दी से अधिक पुराना संगठन, इस क्षेत्र को संगठित और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने रत्न और आभूषण क्षेत्र की विभिन्न श्रेणियों में विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित किए।
इस अवसर पर एसोसिएशन के अध्यक्ष आलोक सौंखिया, उपाध्यक्ष राजू मंगोड़ीवाला सहित बड़ी संख्या में ज्वैलरी व्यवसाय से जुड़े प्रतिनिधि उपस्थित रहे।