



13 जून की दोपहर अहमदाबाद एयरपोर्ट से टेक ऑफ के ठीक दो मिनट बाद एअर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान (फ्लाइट संख्या AI-171) भयंकर हादसे का शिकार हो गया। विमान में सवार पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, 12 क्रू मेंबर्स और 230 यात्रियों समेत कुल 241 लोगों की मौत हो गई। विमान लंदन के लिए रवाना हो रहा था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देर शाम अहमदाबाद पहुंचे और सबसे पहले घटनास्थल का निरीक्षण किया। उसके बाद वे सिविल अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने घायलों से मुलाकात की और करीब 10 मिनट तक पीड़ितों से बातचीत की। वे मृतकों के परिजनों से भी मिल रहे हैं।
फ्लाइट AI-171 ने अहमदाबाद से लंदन के लिए उड़ान भरी थी। टेक ऑफ के दो मिनट बाद ही विमान में भीषण आग लग गई, और वह 2.5 किमी दूर बीजे मेडिकल एंड सिविल हॉस्पिटल की आवासीय बिल्डिंग से टकरा गया।
इस बिल्डिंग में सिविल अस्पताल के 50 से 60 डॉक्टर रहते हैं। टक्कर के समय वहां कम से कम 15 डॉक्टर घायल हुए हैं, जबकि 4 MBBS छात्र और एक डॉक्टर की पत्नी की मौत की पुष्टि हुई है।
डिप्टी कमिश्नर कानन देसाई के अनुसार, अब तक 265 शव सिटी सिविल अस्पताल पहुंच चुके हैं, जिनमें 241 विमान सवार, 4 मेडिकल छात्र, और एक डॉक्टर की पत्नी शामिल हैं। बाकी शवों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
इस हादसे में 169 भारतीय, 53 ब्रिटिश, 7 पुर्तगाली और 1 कनाडाई नागरिक सवार थे। इनमें 103 पुरुष, 114 महिलाएं, 11 बच्चे और 2 नवजात शामिल थे।
गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि शवों की पहचान के लिए 1000 से अधिक DNA टेस्ट किए जाएंगे। उन्होंने कहा, “गुजरात राज्य के पास इतनी बड़ी संख्या में परीक्षण करने की पूरी क्षमता है।” सरकार इस त्रासदी से निपटने के लिए हरसंभव वैज्ञानिक और मानवीय प्रयास कर रही है।