



जयपुर। राजस्थान पुलिस और एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (ATF) की संयुक्त कार्रवाई में प्रदेश में सक्रिय गैंगस्टरों और अवैध हथियार रखने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाया गया है। यह ऑपरेशन पुलिस महानिदेशक (DGP) श्री उमेश एम.एन. और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एटीएफ) श्री जसवंत सिंह के निर्देशन में चलाया गया, जिसे “ऑपरेशन धून (Operation Dhoon)” नाम दिया गया।
इस अभियान के अंतर्गत ATF की टीम ने 10 जून 2025 को कुख्यात गैंगस्टर फतेहसिंह उर्फ़ थिरु जाट की गिरफ्तारी की। पूछताछ के आधार पर उसकी निशानदेही से एक AK-47 राइफल और 02 मैगजीन बरामद की गईं। थिरु जाट पहले से दर्जनों संगीन मामलों में वांछित था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, काफी समय से सूचना मिल रही थी कि राज्य में कुछ गैंगस्टर AK-47 जैसी अत्याधुनिक और प्रतिबंधित राइफलें अपने पास रखे हुए हैं। इस पर एटीएफ के विशेष पर्यवेक्षण में कई टीमों का गठन किया गया, जिसमें जयपुर में पुलिस उप महानिरीक्षक यशवंत जायसवाल और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ शर्मा के निर्देशन में संयुक्त कार्रवाई की गई।
गैंगस्टरों द्वारा AK-47 राइफल को 'जननी' कोड वर्ड से पुकारा जाता था ताकि पुलिस या अन्य एजेंसियों को शक न हो।
इसी ऑपरेशन के तहत भरतपुर जिले के थिरू पचकला की भी गिरफ्तारी की गई, जहां से एक और AK-47 बरामद हुई। इस ऑपरेशन में भरतपुर पुलिस के साथ ATF मुख्यालय जयपुर की विशेष टीम ने मिलकर कार्रवाई की। AK-47 जैसे घातक हथियारों की बरामदगी राज्य में गैंगस्टर नेटवर्क के बड़े खतरे की ओर इशारा करती है।
पुलिस महानिदेशक उमेश एम.एन. ने बताया कि, “राज्य में संगठित अपराधों और गैंगस्टर नेटवर्क के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत यह अभियान चलाया गया है। यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास स्थापित करना हमारा संकल्प है।”