



जयपुर। राजस्थान सरकार ने उपभोक्ता मामलों की गंभीर अनियमितताओं के आरोप में जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग, जयपुर द्वितीय की अध्यक्ष श्रीमती रीतू मीणा को उनके पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। यह कार्रवाई उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम 2019 एवं उपभोक्ता संरक्षण नियम, 2020 के तहत की गई है।
उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, रीतू मीणा के कार्यकाल में न्यायिक प्रक्रिया में घोर लापरवाही, अनुचित निर्णयों की पारित प्रक्रिया, और दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ जैसे गंभीर कदाचार सामने आए हैं।
मुख्य आरोपों में शामिल हैं:
प्रकरण संख्या 1042/2016 में बिना आदेश के अंतिम निर्णय पारित कर देना।
प्रकरण संख्या 886/2023 में बिना हस्ताक्षर और तिथि डाले निर्णय अपलोड करना।
आदेशों की फाइलों में गैर-संबंधित प्रकरणों के दस्तावेज संलग्न करना।
कार्य समय में कोर्ट कक्ष से अनुपस्थित रहना और निजी कार्यों में व्यस्त रहना।
डिक्टेशन न देना, आदेशों का टाइप या रिकॉर्ड न कराना और निर्णयों में गंभीर त्रुटियां होना।
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि आयोग के अध्यक्ष पद पर कार्य करने वाले अधिकारी से न्यायिक मर्यादा और प्रक्रिया की उच्चतम स्तर की अपेक्षा होती है, जिसे रीतू मीणा निभाने में असफल रहीं। इन सभी आरोपों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने उन्हें पद से हटाने का निर्णय लिया।
इस आदेश पर संयुक्त सचिव कुमार द्वारा डिजिटल हस्ताक्षर के साथ अनुमोदन दिया गया है, और यह 3 जून 2025 से प्रभावी है।

