



राजस्थान में सहकारी क्षेत्र के दुग्ध उत्पादक सरकार की उदासीनता और अनदेखी से नाराज होकर 2 जून को जयपुर के शहीद स्मारक पर धरना प्रदर्शन करेंगे। यह निर्णय सोमवार को पिंक सिटी प्रेस क्लब में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी ने लिया। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार पर 650 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया पिछले 7 महीनों से लंबित है, जिससे दुग्ध संकलन राष्ट्रीय स्तर पर दूसरे स्थान पर आ गया है — जो पहले पहले स्थान पर था। यदि यही स्थिति रही तो जल्द ही राजस्थान तीसरे स्थान पर खिसक सकता है।
चौधरी ने बताया कि मुख्यमंत्री दुग्ध उत्पादक संबल योजना के तहत 300 करोड़ रुपये, और राज्य सरकार की योजनाओं जैसे पन्ना धाय बाल गोपाल योजना, मिड डे मील व अमृत आहार योजना के अंतर्गत 350 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया अब तक भुगतान नहीं किया गया है। इसके कारण जिला संघों को एचडीएफसी बैंक से कार्यशील पूंजी ब्याज पर लेनी पड़ी है, जिससे उन पर दोहरी आर्थिक मार पड़ रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश भर में दुग्ध उत्पादक संघों और आरसीडीएफ में 2,500 से अधिक पद रिक्त हैं। इसके चलते तकनीकी कार्यों में बाधा उत्पन्न हो रही है और स्थायी कर्मचारियों से अतिरिक्त कार्य लिया जा रहा है। चौधरी ने कहा कि आरसीडीएफ ने सारा डाटा भेज दिया है लेकिन वित्त विभाग स्थिति स्पष्ट नहीं कर रहा है, जिससे भुगतान में देरी हो रही है।
जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक संघर्ष समिति के संयोजक रमन यादव ने बताया कि पूरे प्रदेश में प्रदर्शन को लेकर उत्साह का माहौल है और अध्यक्ष चौधरी के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा, जिसमें शीघ्र भुगतान की मांग की गई।