



अजमेर के आदर्श नगर स्थित सीता कुटीर में मैथिली ब्राह्मण महासभा, महिला प्रकोष्ठ द्वारा रविवार, 18 मई को सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस पावन अवसर पर अजमेर सहित आसपास के क्षेत्रों से आए 40 ब्राह्मण बालकों का वैदिक विधि-विधान के साथ यज्ञोपवीत (जनेऊ) संस्कार संपन्न कराया गया। संस्कार आयोजन वैदिक परंपरा की गरिमा और सामाजिक एकता का प्रतीक बनकर उभरा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त न्यायाधीश सनातन धर्म रक्षा संघ, अजय मेरु (राजस्थान) अध्यक्ष अजय शर्मा ने कहा कि "सनातन धर्म ही ब्रह्मांड का एकमात्र शाश्वत धर्म है।" उन्होंने कहा कि इस्लाम, ईसाई, बौद्ध, जैन, यहूदी आदि पंथ हैं, लेकिन धर्म केवल सनातन है, जो सृष्टि की उत्पत्ति से लेकर अब तक सतत रूप से विद्यमान है और रहेगा। उन्होंने सनातन संस्कृति के मूल्यों और परंपराओं की रक्षा को अत्यावश्यक बताया।
डॉ. सीमा पाठक, राष्ट्रीय अध्यक्ष (महिला प्रकोष्ठ) ने जानकारी दी कि सभी ब्रह्मचारी बालकों को यज्ञोपवीत संस्कार के उपरांत माला और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। समारोह का समापन यज्ञ देवता की महाआरती के साथ विधिपूर्वक किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम में चोक पुरो प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें प्रेरणा शर्मा ने प्रथम, विनीता शर्मा ने द्वितीय और ललिता शर्मा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। यह प्रतियोगिता महिला प्रतिभागियों के रचनात्मक योगदान का उदाहरण बनी।
इस पावन आयोजन में डॉ. सीमा पाठक (राष्ट्रीय अध्यक्ष), लता शर्मा (राष्ट्रीय सचिव), श्रीमती ललिता शर्मा (राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष), रामचंद्र (भारत विकास परिषद), श्रीमती सीमा मिश्रा (संयोजिका), श्रीमती आभा झा, श्रीमती हीरामणि पाठक, लेखक विजय संस्कार ("परशुराम चरितम"), एडवोकेट विभु साक्षी शर्मा, लक्ष्य शर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती रमा मिश्रा, आभा झा एवं हीरामणि पाठक द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।