



नई दिल्ली।भाजपा के अंता से विधायक कंवरलाल मीणा को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने बुधवार को उनकी याचिका को खारिज कर दिया है, जिससे उनकी विधायकी समाप्त होने की संभावना प्रबल हो गई है।
गौरतलब है कि पहले सुप्रीम कोर्ट ने कंवरलाल मीणा की गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी, लेकिन अब याचिका खारिज होने के बाद यह राहत समाप्त हो गई है। अब उन्हें आपराधिक दोषसिद्धि के चलते अयोग्यता का सामना करना पड़ सकता है।
कंवरलाल मीणा पर पहले से एक आपराधिक मामला दर्ज है, जिसमें उन्हें दो साल से अधिक की सजा सुनाई गई थी। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत कोई भी जनप्रतिनिधि अगर दो साल या उससे अधिक की सजा पाए, तो उसकी सदस्यता स्वत: समाप्त हो सकती है।
इस संदर्भ में मीणा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें सजा पर रोक और विधायकी बरकरार रखने की मांग की गई थी। लेकिन अब शीर्ष अदालत द्वारा याचिका खारिज किए जाने के बाद राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष द्वारा उनकी सदस्यता रद्द करने की कार्रवाई हो सकती है।
सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिलने के बाद कंवरलाल मीणा को अब या तो सरेंडर करना होगा या विधिक प्रक्रिया का सामना करना होगा।राजस्थान विधानसभा में उनकी सदस्यता संविधान के अनुच्छेद 191 और जनप्रतिनिधित्व कानून की धारा 8 के तहत समाप्त हो सकती है।