



भाजपा के अंता से विधायक कंवरलाल मीणा को सुप्रीम कोर्ट राहत देते हुए शनिवार को राजस्थान हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी, जिसमें विधायक को ट्रायल कोर्ट में तुरंत सरेंडर करने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने मामले को 4 सप्ताह बाद सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
1 मई 2025 को हाईकोर्ट ने विधायक की अपील को खारिज करते हुए, एडीजे, अकलेरा (अपीलेंट कोर्ट) द्वारा सुनाई गई 3 साल की सजा को बरकरार रखा था। विधायक कंवरलाल मीणा को राजकार्य में बाधा डालने, सरकारी अधिकारियों को धमकाने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप में दोषी करार दिया गया था।
हाईकोर्ट से सजा बरकरार रहने के बाद जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 के तहत उनकी विधायकी पर खतरा मंडराने लगा था, क्योंकि अधिनियम के अनुसार 2 साल या उससे अधिक की सजा होने पर सांसद या विधायक को अयोग्य घोषित किया जा सकता है।
अब सुप्रीम कोर्ट की अंतरिम राहत के बाद भाजपा के विधायक मीणा को फौरी तौर पर राहत मिल गई है और उनकी सदस्यता बनी रहेगी। मामले की अगली सुनवाई अब चार सप्ताह बाद होगी, जिसमें सुप्रीम कोर्ट अंतिम निर्णय ले सकता है।