



जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित विशेष समारोह में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2023 में चयनित राजस्थान के अभ्यर्थियों को शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने चयनित युवाओं को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने वाले "अमृतकाल के योद्धा" बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने वाले ये प्रतिभाशाली युवा अब राष्ट्र निर्माण और जनकल्याण के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने चयनित युवाओं से जीवन में विनम्रता, धैर्य और समाज से जुड़े रहने की अपील की और कहा कि “कर्ता के आगे हारे करतार” उक्ति को आत्मसात कर प्रत्येक कार्य में प्रतिबद्धता और मेहनत से सफल होना ही लोकसेवक की पहचान है।
उन्होंने कहा कि लोकसेवकों को नवाचारी सोच के साथ नागरिकों को केंद्र में रखकर प्रशासनिक सेवा देनी चाहिए, जिससे समाज में सकारात्मक बदलाव आए। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की पहल पर पिछले वर्ष से चयनित अभ्यर्थियों को सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जा रहा है ताकि यह परंपरा अन्य युवाओं को भी प्रेरित कर सके।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव ने भी मुख्यमंत्री की इस पहल की सराहना की और कहा कि लोकसेवा के माध्यम से राष्ट्र की सेवा करना विशेष सौभाग्य है। पुलिस महानिदेशक ने चयनित युवाओं से अपील की कि वे गरीबों के कल्याण को सेवा का आधार बनाएं और माता-पिता के योगदान को कभी न भूलें।
इस अवसर पर दृष्टिबाधित जयपुर निवासी मनु गर्ग, जिन्होंने देशभर में 91वीं रैंक प्राप्त की, ने अपनी सफलता का श्रेय माताजी के संकल्प को दिया। वहीं जोधपुर निवासी त्रिलोक सिंह, जिन्होंने 20वीं रैंक हासिल की, ने बताया कि वे भारतीय सेना में सेवा दे चुके अपने पिता की प्रेरणा से देश सेवा के मार्ग पर आगे बढ़े हैं। कार्यक्रम का समापन चयनित अभ्यर्थियों के सामूहिक फोटो सेशन के साथ हुआ।