



नई दिल्ली। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव सचिन पायलट ने कहा कि उन्होंने “राष्ट्र प्रथम” के सिद्धांत को केवल कहा नहीं, बल्कि पूरी जिंदगी उस पर अमल किया। यह बातें उन्होंने इंडिया इस्लामिक कल्चरल सेंटर (IICC) में आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में कहीं। पायलट ने कहा कि मनमोहन सिंह को कई बार पाकिस्तान से आमंत्रण मिला, लेकिन उन्होंने कभी वहां जाना उचित नहीं समझा। उन्होंने कहा, “राष्ट्र प्रथम कहना आसान होता है, लेकिन उस पर अमल करना कठिन होता है, और डॉ. सिंह ने यह कर के दिखाया।” सचिन पायलट ने 2008 के भारत-अमेरिका परमाणु समझौते की चर्चा करते हुए कहा कि डॉ. सिंह ने देशहित में अपनी सरकार तक दांव पर लगा दी। उन्हें विश्वास था कि यह समझौता भारत के लिए दीर्घकालिक लाभकारी होगा। उन्होंने बताया कि “यह केवल एक अर्थशास्त्री नहीं, बल्कि एक दूरदर्शी और निडर राजनेता का साहस था। पायलट ने डॉ. सिंह को एक संवेदनशील और समाजवादी दृष्टिकोण वाला प्रधानमंत्री बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. सिंह के कार्यकाल में:किसानों की कर्जमाफी हुई,मनरेगा जैसे रोजगार गारंटी कानून को लागू किया गया,गरीबी उन्मूलन की कई योजनाएं लागू की गईं। सचिन पायलट ने 1984 सिख विरोधी दंगों के संदर्भ में डॉ. सिंह के संसद में दिए गए ऐतिहासिक बयान को याद किया—परमाणु सौदे पर साहसिक निर्णय
समाजवादी सोच वाला प्रधानमंत्री
सिख दंगों पर साहसी बयान
मेरा सिर शर्म से झुक गया है। उन्होंने कहा कि ऐसा साहस केवल वही दिखा सकते हैं जिनमें ईमानदारी और संवेदनशीलता कूट-कूट कर भरी हो।अन्य नेताओं की प्रतिक्रियाएं
पंकज पचौरी ने कहा कि डॉ. सिंह ने कभी धर्म को शासन या नीति में प्रवेश नहीं दिया।
राजीव शुक्ला ने कहा कि 26/11 हमले के बाद उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त रुख अपनाया, लेकिन उसका प्रचार नहीं किया।
मोंटेक सिंह अहलूवालिया, शाहिद सिद्दीकी, उपिंदर सिंह, सलमान खुर्शीद सहित कई दिग्गजों ने भी भावभीनी श्रद्धांजलि दी।