



लखनऊ। बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को पार्टी में फिर से शामिल कर लिया है, जिससे पार्टी में जारी अटकलों पर विराम लगा है। पार्टी से निकाले जाने के 41वें दिन, रविवार को आकाश को माफ करते हुए बसपा में वापसी की अनुमति दी गई।
आकाश आनंद, मायावती के सबसे छोटे भाई आनंद कुमार के बेटे हैं। वे पहले बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर और मायावती के उत्तराधिकारी के रूप में देखे जाते थे। हालांकि, मायावती ने इस बार स्पष्ट कर दिया कि जब तक वे स्वस्थ हैं, तब तक पार्टी में किसी को भी उत्तराधिकारी घोषित नहीं किया जाएगा।
इससे कुछ घंटे पहले ही आकाश आनंद ने सार्वजनिक रूप से मायावती से माफी मांगी थी, जिसमें उन्होंने पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा और समर्पण दोहराया।
मायावती ने अपने बयान में यह भी स्पष्ट किया कि आकाश के ससुर अशोक सिद्धार्थ को माफ नहीं किया जा सकता, क्योंकि उन्होंने गुटबाजी और पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होकर न केवल संगठन को नुकसान पहुंचाया, बल्कि आकाश के राजनीतिक करियर को भी नुकसान पहुंचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
गौरतलब है कि मायावती ने आकाश को पिछले 15 महीनों में दो बार उत्तराधिकारी घोषित किया, लेकिन दोनों ही बार उन्हें जिम्मेदारी से हटा दिया गया था। अंततः 3 मार्च 2025 को उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
आकाश की वापसी को बसपा की आंतरिक एकजुटता को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन उत्तराधिकारी के मुद्दे पर मायावती का रुख अब पहले से कहीं अधिक स्पष्ट और सख्त नजर आ रहा है।