



जयपुर: राज्य सरकार ने गर्मी के बढ़ते तापमान को देखते हुए महात्मा गांधी नरेगा योजना के अंतर्गत कार्य कर रहे श्रमिकों के लिए कार्य समय में लचीलापन प्रदान किया है। ग्रामीण विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती श्रेया गुहा ने बताया कि अब जिला कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर श्रमिकों के लिए कार्य की समय-सारणी निर्धारित कर सकेंगे।
उन्होंने स्पष्ट किया कि नरेगा श्रमिकों की कुल कार्य अवधि 8 घंटे की होगी, जिसमें 1 घंटे का विश्राम शामिल रहेगा। यदि विश्राम काल का प्रावधान नहीं रखा जाता, तो 7 घंटे की कार्य अवधि तय की जा सकती है।
जिला स्तर पर कलेक्टर एवं कार्यक्रम समन्वयक इस संबंध में निर्देश जारी कर सकते हैं, जिससे श्रमिकों को अत्यधिक गर्मी में राहत मिल सके।
अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया गया है कि यदि कोई श्रमिक समूह निर्धारित टास्क को समय से पहले पूर्ण कर लेता है, तो मेट के पास मस्टरोल में कार्य की माप दर्ज कराने और समूह मुखिया के हस्ताक्षर के बाद वे कार्य स्थल छोड़ सकते हैं।
यह निर्णय श्रमिकों की सुरक्षा और कार्य क्षमता को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे उन्हें भीषण गर्मी में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से बचाया जा सके।