भरतपुर। जिले के सेवर कस्बे में मंगलवार रात एक भीषण आग ने कोहराम मचा दिया। लकड़ी की बनी करीब एक दर्जन दुकानें जलकर राख हो गईं। इन दुकानों में चाय, अंडा, चाउमीन और अन्य फास्ट फूड बेचने का काम होता था। हादसे के दौरान तीन गैस सिलेंडरों के धमाके भी हुए, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई।
रात 10:30 बजे भड़की आग, धमाकों से कांपे लोग
स्थानीय निवासी नारायणलाल ने बताया कि रात करीब 10:30 बजे अचानक आग भड़क उठी। दुकानों में रखे गैस सिलेंडर आग के संपर्क में आ गए, जिससे तीन सिलेंडर तेज धमाकों के साथ फट गए। धमाकों की आवाज सुनकर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। घटना से इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।
चार दमकलों ने 2 घंटे की मशक्कत में पाया काबू
आग पर काबू पाने के लिए भरतपुर, नदबई और उच्चैन से दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। फायरमैन नीरज कुंतल ने बताया कि करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक दुकानों का सारा सामान जलकर नष्ट हो चुका था।
आर्थिक संकट में डूबे दुकानदार
आग की चपेट में आए अधिकांश दुकानदार छोटे व्यापारी थे, जो कर्ज लेकर व्यवसाय चला रहे थे। अब उनका पूरा व्यवसाय आग की भेंट चढ़ गया, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है। कई दुकानदारों ने बताया कि इस नुकसान से उबरना बेहद मुश्किल होगा।
आग का कारण शॉर्ट सर्किट, जांच जारी
प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को आग लगने की वजह माना जा रहा है। हालांकि, प्रशासन की ओर से मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। पीड़ितों को हुए नुकसान का आकलन भी शुरू कर दिया गया है, ताकि उन्हें राहत दी जा सके।
सेवर कस्बे में हुए इस हादसे ने स्थानीय बाजार की कमर तोड़ दी है, और व्यापारियों को तत्काल मदद की जरूरत है। प्रशासन से मांग की जा रही है कि सरकारी सहायता और मुआवजा शीघ्र दिया जाए।