राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की तीन दिवसीय अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा बैठक बेंगलुरु के जनसेवा विद्या केंद्र में संपन्न हुई। बैठक में देशभर से 1,482 वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान संघ के वर्तमान विस्तार, आगामी योजनाओं और सामाजिक सरोकारों पर चर्चा की गई।
राजस्थान क्षेत्र संघचालक डॉ. रमेश अग्रवाल ने जानकारी दी कि इस समय देशभर में 83,129 शाखाएं और 32,147 साप्ताहिक मिलन सक्रिय हैं। कुल मिलाकर 1,15,276 स्थानों पर संघ की गतिविधियाँ चल रही हैं। यह संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 10,000 अधिक है।
राजस्थान में 6,839 स्थानों पर 10,757 शाखाएं और 5,311 मिलन संचालित हैं। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि पिछले वर्ष सरसंघचालक मोहन भागवत के आह्वान पर 2,453 स्वयंसेवकों ने दो वर्ष पूर्णकालिक सेवा के लिए समर्पित किए, जिनमें 468 स्वयंसेवक राजस्थान से हैं।
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों के विरुद्ध प्रस्ताव पारित।महाकुंभ को थर्मोकोल और पॉलीथिन मुक्त बनाने के लिए चलाए गए 'एक थाली-एक थैला' अभियान की सराहना।संघ का उद्देश्य "सर्वस्पर्शी, सर्वव्यापी" बनना — हर क्षेत्र, वर्ग और संस्थान में पहुंच।134 प्रमुख संस्थानों में संघ की उपस्थिति, सभी संस्थानों तक पहुंचने का लक्ष्य।
ओडिशा के कोरापुट और बोलनगीर जैसे दूरस्थ इलाकों में 1,031 शाखाएं, जिनमें अधिकांश कार्यकर्ता स्थानीय जनजातीय समुदाय से।
विजयादशमी 2025 से संघ शताब्दी वर्ष की शुरुआत होगी।खंड/नगर स्तर पर विशेष गणवेश कार्यक्रम और सरसंघचालक का संबोधन आयोजित होगा।भारत की वीर महिला स्वतंत्रता सेनानी महारानी अबक्का की 500वीं जयंती पर सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले का प्रेरणादायी वक्तव्य।
नवंबर 2025 से जनवरी 2026 तक "हर गांव, हर बस्ती, घर-घर" संपर्क अभियान:
तीन सप्ताह तक चलने वाले इस अभियान में घर-घर जाकर संपर्क।संघ साहित्य का वितरण और स्थानीय कार्यक्रमों का आयोजन।हिंदू सम्मेलन, सामाजिक सद्भाव बैठकें, और प्रमुख नागरिक संवाद आयोजित किए जाएंगे।युवाओं (15–30 वर्ष) के लिए राष्ट्र निर्माण व सेवा आधारित कार्यक्रम।