राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों प्रवीण गुप्ता (एसीएस, पीडब्ल्यूडी) और भास्कर ए सावंत (एसीएस, पीएचईडी) को बड़ी राहत दी है। जस्टिस सुदेश बंसल की एकल पीठ ने जयपुर के कॉमर्शियल कोर्ट-1 द्वारा सुनाई गई तीन-तीन महीने की सिविल कारावास की सजा पर अंतरिम रोक लगाते हुए, अदालत की आगामी कार्रवाइयों पर भी स्टे आदेश जारी किया है।
सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद ने कोर्ट में पेश होकर दोनों मामलों में सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि पीडब्ल्यूडी द्वारा संबंधित निर्माण कंपनी को 167 करोड़ रुपये के बकाया भुगतान की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और शीघ्र ही राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।
पीएचईडी के मामले में उन्होंने कॉमर्शियल कोर्ट के निर्णय को मनमाना और प्रक्रिया से विपरीत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विभाग आर्बिट्रेटर के आदेश का पालन करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
जयपुर के कॉमर्शियल कोर्ट ने अदालती आदेशों की पालना नहीं करने और 167 करोड़ (PWD) एवं 31 करोड़ (PHED) के भुगतान में लापरवाही बरतने पर दोनों अधिकारियों को सिविल कारावास की सजा सुनाई थी। अदालत ने यह भी कहा था कि भुगतान की प्रक्रिया में जानबूझकर विलंब किया गया और कोर्ट द्वारा मांगा गया शपथ-पत्र समय पर प्रस्तुत नहीं किया गया।
हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद दोनों वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के लिए राहत की सांस है, वहीं राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि भविष्य में ऐसे मामलों में प्रक्रियाओं का गंभीरता से पालन किया जाएगा।