Saturday, 29 August 2026

पेपर लीक कांड: SOG ने कांग्रेस के पूर्व पार्षद नरेश देव सारण को किया गिरफ्तार, 42 लाख की डील का खुलासा


पेपर लीक कांड: SOG ने कांग्रेस के पूर्व पार्षद नरेश देव सारण को किया गिरफ्तार, 42 लाख की डील का खुलासा

राजस्थान में पेपर लीक कांड के खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने शुक्रवार को एक और बड़ी गिरफ्तारी की है। इस बार एसओजी ने कांग्रेस के पूर्व पार्षद नरेश देव उर्फ एनडी सारण को हिरासत में लिया है, जिस पर वनरक्षक भर्ती-2020 परीक्षा के पेपर लीक मामले में गम्भीर आरोप हैं।

एसओजी के एडीजी वी.के. सिंह ने जानकारी दी कि नरेश देव सारण ने परीक्षा में शामिल होने वाले 7 अभ्यर्थियों से 6-6 लाख रुपये लेकर उन्हें सॉल्वड पेपर उपलब्ध कराया। इस तरह कुल 42 लाख रुपए की डील की गई थी।

इस मामले में इससे पहले 12 मार्च को कंवराराम जाट को गिरफ्तार किया गया था, जिसकी पूछताछ में एनडी सारण का नाम सामने आया था। इसके बाद से ही एसओजी की टीम नरेश की तलाश में थी। शुक्रवार शाम उसे बाड़मेर स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया।

गौरतलब है कि नरेश देव सारण राजकीय कॉलेज बाड़मेर का छात्रसंघ अध्यक्ष भी रह चुका है और कांग्रेस से पार्षद पद पर निर्वाचित हुआ था।

पेपर लीक की पूरी साजिश का खुलासा करते हुए एडीजी सिंह ने बताया कि परीक्षा से पहले, 13 नवंबर 2022 को, नरेश देव ने उम्मीदवारों को कार के ज़रिए बाड़मेर से उदयपुर भेजा, जहां उन्हें कंवराराम जाट, जबराराम जाट, और सांवरमल जाट ने मिलकर एक प्रिंटेड सॉल्वड पेपर पढ़ाया। यह सब सांवरमल जाट के घर पर किया गया। पुलिस अब जबराराम जाट की तलाश में जुटी है।

अब तक इस मामले में एसओजी कुल 27 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनमें कई प्रभावशाली नाम शामिल हैं। पेपर लीक मामले में हो रही यह कार्रवाई सरकार द्वारा नकल और परीक्षा घोटाले पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की जा रही है।

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