



मुख्य सचिव सुधांश पंत ने ‘राइजिंग राजस्थान’ ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट—2024 के दौरान हस्ताक्षरित एमओयू के क्रियान्वयन की प्रगति का आकलन करने के लिए पाक्षिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में मुख्य सचिव ने केवल 3 महीनों में 2.25 लाख करोड़ रुपये के एमओयू को धरातल पर उतारने के लिए सभी अधिकारियों की सराहना की और कहा कि यह उपलब्धि सतत निगरानी, समन्वय और विभागीय तालमेल की बदौलत संभव हो पाई है।
मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि निवेशकों की भूमि आवंटन की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए आवंटन प्रक्रिया को सरल और त्वरित किया जाना चाहिए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को अपने नियमों और नीतियों को आपस में साझा करने के निर्देश दिए ताकि भूमि आवंटन की प्रक्रिया और भी सुव्यवस्थित और तेजी से हो सके।
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि भूमि को बहुमूल्य संसाधन मानते हुए, उसे परियोजना की आवश्यकताओं और सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आवंटित किया जाए।
मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि वे निवेशक जिनकी परियोजनाएं राज्य के लिए महत्वपूर्ण हैं और जो राज्य में परियोजना लगाने के लिए गंभीर हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाए और उन्हें जरूरी संसाधन और भूमि उपलब्ध करवाई जाए।
मुख्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा निर्धारित त्रि-स्तरीय समीक्षा प्रणाली के तहत एमओयू को क्रियान्वित किया जा रहा है। इसके परिणामस्वरूप, 3 महीने के भीतर ₹2.25 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव कार्यान्वित किए गए हैं।
गौरतलब है कि 9-11 दिसंबर 2024 को आयोजित ‘राइजिंग राजस्थान’ समिट के दौरान 35 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए गए थे।
बैठक में ऊर्जा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव आलोक, जल संसाधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अभय कुमार, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव अजिताभ शर्मा, और राजस्व, स्वायत्त शासन, शहरी विकास, खान, और रीको विभाग के प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।