



जयपुर राजस्थान विधानसभा में 11 मार्च को पुलिसकर्मियों के साप्ताहिक अवकाश का मुद्दा जोर-शोर से उठा। भाजपा विधायक भैराराम चौधरी के सवाल के जवाब में गृह विभाग ने स्पष्ट किया कि फिलहाल पुलिसकर्मियों को साप्ताहिक अवकाश देने का कोई प्रावधान नहीं है।
गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि राजस्थान पुलिस में साप्ताहिक अवकाश का कोई आधिकारिक प्रावधान नहीं है।पुलिसकर्मियों को सालाना 25 दिन आकस्मिक अवकाश (कैजुअल लीव) दी जाती है, जबकि अन्य सेवाओं के कर्मचारियों को सिर्फ 15 दिन की सीएल मिलती है।साप्ताहिक अवकाश केवल एक विशेष थाना स्तर पर पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया था।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने सरकार के जवाब पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के दौरान गगल थाने में साप्ताहिक अवकाश की पायलट योजना शुरू की गई थी।इसके बाद डीजीपी उमेश मिश्रा ने पूरे प्रदेश में इसे लागू करने को लेकर निर्देश जारी किए थे। यह ऑन रिकॉर्ड है कि साप्ताहिक अवकाश का पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा था। जो चीज रिकॉर्ड में दर्ज है, उसके बारे में गलत जवाब मत दीजिए।
साप्ताहिक अवकाश को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर सवाल खड़े किए कि जो निर्देश रिकॉर्ड में हैं, उनका पालन क्यों नहीं किया जा रहा।सरकार ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में प्रदेश में इस तरह की कोई योजना लागू नहीं है।
पुलिसकर्मियों के साप्ताहिक अवकाश का मुद्दा फिर से गरमाने के संकेत मिल रहे हैं। यह मुद्दा विधानसभा में आगे भी उठ सकता है, क्योंकि विपक्ष सरकार को इस पर घेरने की कोशिश कर सकता है।