



शून्य काल के दौरान स्थगन प्रस्ताव, नियम 295 के प्रस्ताव, और विधायकों द्वारा पर्ची के माध्यम से प्रस्तुत की गई समस्याओं पर चर्चा होगी। इसके साथ ही, दो ध्यान आकर्षण प्रस्तावों पर भी गहन चर्चा की जाएगी।
सोमवार को विधानसभा में उद्योग विभाग और वन एवं पर्यावरण विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा कर उन्हें पारित किया जाएगा। यह चर्चा राज्य के औद्योगिक विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी नीतियों पर केंद्रित होगी।
राज्य सरकार का लक्ष्य उद्योग और पर्यावरण क्षेत्र में निवेश और विकास को बढ़ावा देना है, इसलिए अनुदान मांगों को लेकर सदन में अहम बहस होने की संभावना है।