अजमेर के वरिष्ठ अधिवक्ता पुरुषोत्तम जाखोटिया की हत्या को लेकर एडवोकेट्स संघ में भारी आक्रोश है। शुक्रवार को अजमेर कोर्ट परिसर में वकीलों ने जबरदस्त हंगामा किया। वकीलों ने गुस्से में कोर्ट परिसर से आम नागरिकों और पुलिसकर्मियों को बाहर निकाल दिया और अदालत परिसर की दुकानों को जबरन बंद करा दिया।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन को 10 थानों की पुलिस तैनात करनी पड़ी। वहीं कांग्रेस कार्यकर्ताओं के धरनास्थल पर पहुंचने पर वकीलों ने राजनीति न करने की चेतावनी दी और उन्हें वहां से जाने के लिए कह दिया।
वरिष्ठ वकील पुरुषोत्तम जाखोटिया की हत्या के विरोध में वकीलों का प्रदर्शन कोर्ट परिसर में जबरन दुकानें बंद कराई गईं, पुलिस और आम जनता को बाहर निकाला गया 10 थानों की पुलिस तैनात, कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका कांग्रेस कार्यकर्ताओं के धरनास्थल पर पहुंचने पर वकीलों ने उन्हें लौटाया 8 मार्च को अजमेर, पुष्कर और ब्यावर में बंद का ऐलान
क्यों हो रहा है विरोध?: 2 मार्च को पुष्कर में वरिष्ठ अधिवक्ता पुरुषोत्तम जाखोटिया पर हमला हुआ था।गंभीर रूप से घायल जाखोटिया को अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था।7 मार्च को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई, जिसके बाद वकीलों में आक्रोश फैल गया।बार एसोसिएशन का आरोप है कि प्रशासन व पुलिस इस हमले को रोकने में विफल रही।
वकीलों की प्रमुख मांगें:
वकीलों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू किया जाए। पुरुषोत्तम जाखोटिया हत्याकांड की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई हो और लापरवाह पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया जाए। शहर में रातभर खुले रहने वाले शराब के ठेकों को बंद किया जाए। डीजे और संशोधित वाहनों पर रोक लगाई जाए, जिससे अपराधियों को खुलेआम घूमने का अवसर न मिले।
8 मार्च को बंद रहेगा अजमेर, पुष्कर और ब्यावर: बार एसोसिएशन के आह्वान पर 8 मार्च को अजमेर, पुष्कर और ब्यावर में बंद रखा जाएगा। बंद के दौरान केवल जरूरी सेवाओं को छूट दी जाएगी:मेडिकल सुविधाएं,स्कूल वैन और बसें,पेट्रोल पंप अन्य सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठान, बाजार और दुकानें बंद रहेंगी।
वकीलों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को लौटाया, राजनीति न करने की चेतावनी: विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ता वकीलों के धरनास्थल पर पहुंचे।इस पर वकीलों ने कहा कि हमें इस मुद्दे पर राजनीति नहीं चाहिए।वकीलों ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को वहां से जाने के लिए कह दिया।
प्रशासन की प्रतिक्रिया:पुलिस और प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।हालात को काबू में रखने के लिए 10 थानों की पुलिस तैनात की गई है।अतिरिक्त सुरक्षा बल भी अजमेर में तैनात किए जा सकते हैं। बार एसोसिएशन की मांगों पर सरकार विचार कर रही है।