



केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान और पुत्रवधू अमानत बंसल ने उनके जन्मदिन पर श्री रामचरितमानस भेंटकर उन्हें भावुक कर दिया। यह उपहार पाकर शिवराज सिंह ने कहा कि "यह मेरे लिए अमूल्य उपहार है।"
"श्री रामचरितमानस हमारे देश के जीवनमूल्य और संस्कृति का प्रतीक है।"
"इस ग्रंथ में कहा गया है कि – 'परहित सरिस धर्म नहीं भाई', और मैंने जीवन में इसे ही अपनाने का प्रयत्न किया है।"
"जब कार्तिकेय और अमानत ने मुझे और मेरी धर्मपत्नी साधना को रामचरितमानस भेंट की, तो सचमुच लगा कि हमारी शिक्षा और संस्कार सफल व सार्थक हो गए।"