



राजस्थान विधानसभा के बजट सत्र में इतिहास में पहली बार रात 12 बजे तक कार्यवाही चली। जलदाय विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने बयान देते हुए कहा कि "हम बिजली तो बना सकते हैं, लेकिन पानी तो बालाजी ही देंगे।" उनके इस बयान के बाद सदन में विरोध और समर्थन दोनों के स्वर सुनाई दिए।
जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने कहा कि "बालाजी की कृपा से बारिश हुई है और आगे भी वही करेंगे। जिनकी आस्था नहीं है, वह अलग बात है, लेकिन हम तो बालाजी पर विश्वास करते हैं।"
इससे पहले भी पिछले साल उनके "मैं बालाजी नहीं हूं जो पानी ला दूं" बयान पर विवाद हुआ था।
जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने राजस्थान में पानी की चोरी रोकने के लिए एक सख्त कानून लाने की घोषणा की, जिसके तहत पानी चोरों को जेल भेजने का प्रावधान होगा।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मंत्री के कांग्रेस सरकार पर लगाए आरोपों पर आपत्ति जताई।काफी देर तक दोनों पक्षों में तीखी बहस चलती रही।
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि "मंत्री का जवाब सुनना जरूरी है। आप बोल रहे थे, मंत्री सुन रहे थे, अब जवाब सुनिए।"
पहली बार राजस्थान विधानसभा में कार्यवाही आधी रात तक चली। जलदाय विभाग के साथ-साथ अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा हुई।