Saturday, 29 August 2026

"एक देश, एक चुनाव" अभियान को भाजपा ने दिया बढ़ावा, प्रदेश स्तर पर समितियां गठित


"एक देश, एक चुनाव" अभियान को भाजपा ने दिया बढ़ावा, प्रदेश स्तर पर समितियां गठित

जयपुर,"एक देश, एक चुनाव" के एजेंडे को केंद्र सरकार के बाद अब भाजपा भी तेजी से आगे बढ़ा रही है। इसके लिए राष्ट्रीय से लेकर प्रदेश स्तर तक समितियों का गठन किया गया है। राजस्थान में इस अभियान की जिम्मेदारी भाजपा नेता सुनील भार्गव को सौंपी गई है, जिन्हें प्रदेश संयोजक बनाया गया है।

अभियान का उद्देश्य और कार्यप्रणाली:

जन जागरूकता अभियान: यह अभियान सामाजिक, व्यापारिक और समाज के विभिन्न वर्गों में चलाया जाएगा, जिससे लोगों को "एक देश, एक चुनाव" की आवश्यकता और फायदे बताए जा सकें।
जनमत संग्रह: अभियान के माध्यम से जनमत संग्रह भी किया जाएगा, ताकि जनता की राय को सरकार तक पहुंचाया जा सके।
पारित प्रस्ताव राष्ट्रपति को भेजे जाएंगे: इस अभियान के तहत एक देश, एक चुनाव के समर्थन में प्रस्ताव पारित कराए जाएंगे, जिन्हें राष्ट्रपति को भेजा जाएगा ताकि इस व्यवस्था को मजबूती से लागू किया जा सके।
वन स्टेट वन इलेक्शन:
राजस्थान सरकार भी वन स्टेट वन इलेक्शन की दिशा में कार्य कर रही है, जिसे इस अभियान में शामिल किया जा सकता है

एक देश, एक चुनाव: ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य

प्रदेश संयोजक सुनील भार्गव ने बताया कि "एक देश, एक चुनाव" देश के लिए कोई नई व्यवस्था नहीं है।
1951 से 1967 तक लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ आयोजित किए गए थे।बाद में राजनीतिक अस्थिरता और अलग-अलग राज्यों में सरकारों के गिरने के कारण यह व्यवस्था टूट गई।

 एक साथ चुनाव होने के फायदे:

वित्तीय बोझ में कमी: कई चुनाव चक्रों से जुड़े भारी खर्च में कमी आएगी।
प्रशासनिक दक्षता: मानव शक्ति, उपकरणों और सुरक्षा संसाधनों पर खर्च घटेगा।
राजनीतिक स्थिरता: सरकारों का ध्यान विकास कार्यों पर रहेगा, बार-बार चुनाव से बचाव होगा।
आर्थिक विकास को बढ़ावा: चुनावी खर्च की बचत से आर्थिक विकास और निवेशकों के विश्वास को मजबूती मिलेगी।

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