



राजस्थान सरकार उच्च शिक्षा को रोजगारपरक और आधुनिक बनाने के लिए सतत प्रयास कर रही है। राज्य विधानसभा में मंगलवार को उच्च शिक्षा विभाग (मांग संख्या-22) की अनुदान मांगों पर हुई चर्चा के बाद 25 अरब 85 करोड़ 55 लाख 45 हजार रुपये की अनुदान मांगें ध्वनिमत से पारित कर दी गईं।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा ने कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत 2047' संकल्प को साकार करने के लिए 'विकसित राजस्थान' की दिशा में काम कर रही है, जिसमें उच्च शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।
डॉ. बैरवा ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 राजस्थान में प्रभावी रूप से लागू की जा रही है। इसके तहत प्रदेश का सकल नामांकन अनुपात (GER) 28.6% है, जो राष्ट्रीय औसत 28.4% से अधिक है।
सत्र 2024-25 में 37 नए राजकीय महाविद्यालयों की स्थापना।
महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 13 नए कन्या महाविद्यालय प्रारंभ।
आगामी बजट में 12 और नए कन्या महाविद्यालय खोलने का प्रस्ताव।
स्नातक स्तर पर 43 और स्नातकोत्तर स्तर पर 33 नए विषयों की शुरुआत।
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्मार्ट क्लासरूम और आईसीटी लैब की स्थापना।
33 जिला मुख्यालयों के महाविद्यालयों में बीबीए और कंप्यूटर साइंस कोर्स की शुरुआत।
7 संभाग मुख्यालयों के कॉलेजों में बीसीए पाठ्यक्रम शुरू।
राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) द्वारा 2600 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जारी।
सरकारी महाविद्यालयों में रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाएगा।
डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय और हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय का भवन निर्माण पूरा।
राजस्थान यूनिवर्सिटी लॉ (संशोधन) बिल 2025 पेश, जिसके तहत विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को "कुलगुरु" का दर्जा मिलेगा।
कोचिंग सेंटरों के नियमन के लिए 'द राजस्थान कोचिंग सेंटर कंट्रोल एंड रेगुलेशन बिल, 2025' प्रक्रियाधीन।
आत्महत्या जैसी घटनाओं को रोकने के लिए छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए सख्त दिशा-निर्देश लागू।
कालीबाई भील मेधावी छात्रा स्कूटी योजना और देवनारायण स्कूटी योजना के तहत अब तक 20,105 स्कूटियों का वितरण।
वर्ष 2025 के बजट में 35,000 और स्कूटियों के वितरण की घोषणा।
'स्वामी विवेकानंद स्कॉलरशिप फॉर एकेडमिक एक्सीलेंस योजना' के तहत 126 विद्यार्थियों को विदेश और 57 विद्यार्थियों को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में अध्ययन के लिए छात्रवृत्ति स्वीकृत।
285 विद्यार्थियों को जनवरी 2024 से फरवरी 2025 तक 100 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई।
डॉ. बैरवा ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान उच्च शिक्षा क्षेत्र में अग्रणी प्रदेश बन रहा है। सरकार का उद्देश्य केवल पारंपरिक शिक्षा नहीं, बल्कि तकनीकी और व्यवसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना है, जिससे युवा आत्मनिर्भर बनें और प्रदेश का आर्थिक विकास हो।