Saturday, 29 August 2026

राजस्थान और तेलंगाना के बीच ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा समझौता, 22,000 करोड़ की परियोजनाओं को मिली मंजूरी


राजस्थान और तेलंगाना के बीच ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा समझौता, 22,000 करोड़ की परियोजनाओं को मिली मंजूरी

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मौजूदगी में सोमवार को राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (RVUNL) और सिंगरेनी कोलियरीज कंपनी लिमिटेड (SCCL) के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता (MoU) साइन किया गया। इस समझौते के तहत—

तेलंगाना में 1600 मेगावाट के दो थर्मल पावर प्लांट लगाए जाएंगे।
राजस्थान और तेलंगाना दोनों को 800-800 मेगावाट बिजली मिलेगी।
राजस्थान में 1500 मेगावाट का सोलर पार्क स्थापित किया जाएगा।
इस परियोजना में कुल 22,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा।

राजस्थान में 1500 मेगावाट का सोलर पार्क, 6,000 करोड़ का निवेश

राजस्थान में अक्षय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 1500 मेगावाट क्षमता वाला सोलर पार्क स्थापित किया जाएगा। राजस्थान विद्युत उत्पादन निगम (RVUNL) ने इस पार्क के लिए भूमि भी चिन्हित कर ली है।

इस सोलर पार्क में लगभग 6,000 करोड़ रुपये का निवेश होगा।

राज्य सरकार के मुताबिक, यह परियोजना 2027 तक पूरी हो जाएगी।

तेलंगाना में लगेंगे 1600 मेगावाट के दो थर्मल पावर प्लांट

इस एमओयू के तहत तेलंगाना में 1600 मेगावाट के दो थर्मल पावर प्लांट स्थापित किए जाएंगे।

800-800 मेगावाट की बिजली तेलंगाना और राजस्थान को मिलेगी।

तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने कहा कि यह एमओयू दोनों राज्यों के लिए ऐतिहासिक कदम है।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बयान

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा— "राजस्थान के किसानों को 2027 तक दिन में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।"
"यह एमओयू न सिर्फ राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए एक बड़ी ऊर्जा क्रांति साबित होगा।"
"राजस्थान में अक्षय ऊर्जा की अपार संभावनाएं हैं, और राज्य सरकार इसे अगले स्तर तक ले जाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"

तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री का बयान

तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री एवं ऊर्जा मंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने कहा—"राजस्थान की अपार सौर ऊर्जा क्षमता देश के लिए एक उज्ज्वल भविष्य सुनिश्चित कर रही है।"
"तेलंगाना और राजस्थान का यह सहयोग दोनों राज्यों के ऊर्जा उत्पादन को नए आयाम देगा।"

क्या होगा इस एमओयू का असर?

राजस्थान और तेलंगाना की बिजली आपूर्ति मजबूत होगी।
किसानों और औद्योगिक क्षेत्रों को निर्बाध बिजली मिलेगी।
राजस्थान ग्रीन एनर्जी सेक्टर में अग्रणी बनेगा।
राज्य सरकार के ग्रीन बजट और अक्षय ऊर्जा नीति को गति मिलेगी।

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