Saturday, 29 August 2026

बस्सी में 50 करोड़ की लागत से बनेगा कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट, किसानों और दुग्ध उत्पादकों को होगा फायदा


बस्सी में 50 करोड़ की लागत से बनेगा कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट, किसानों और दुग्ध उत्पादकों को होगा फायदा

राजस्थान कोऑपरेटिव डेयरी फेडरेशन (आरसीडीएफ) राज्य में किसानों और दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए 50 करोड़ रुपये की लागत से बस्सी में कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट स्थापित करने जा रहा है। यह प्लांट गुजरात के बनासकांठा मॉडल पर आधारित होगा और इसका संचालन एनडीडीबी व सुजूकी के सहयोग से किया जाएगा।

हर दिन 100 टन गोबर खरीदेगा प्लांट, किसानों को मिलेगा लाभ

इस प्लांट के लिए आसपास के गांवों के 2000 किसान और दुग्ध उत्पादक प्रतिदिन 100 टन गोबर 1 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेच सकेंगे। इससे किसानों को हर दिन 1 लाख रुपये की अतिरिक्त आय होगी। इसके अलावा, किसानों को रियायती दरों पर जैविक खाद भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे जैविक खेती को बढ़ावा मिलेगा।

गैस उत्पादन और सीएनजी स्टेशन की सुविधा

इस प्लांट में हर दिन 1500 किलोग्राम कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) का उत्पादन होगा। इस गैस का उपयोग वाहनों में और सिलेंडर भरने में किया जाएगा।

  • मुख्य सड़क पर सीएनजी स्टेशन बनाया जाएगा।

  • बॉटलिंग प्लांट भी स्थापित होगा, जिससे सिलेंडर भरने की सुविधा मिलेगी।

  • हर दिन 15 टन जैविक खाद का उत्पादन होगा।

सीएम भजनलाल शर्मा की अहम भूमिका

इस परियोजना को लागू करने में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने राइजिंग राजस्थान में ग्रीन और रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने पर ज़ोर दिया था। इसके तहत, राज्य सरकार ने इस साल पहली बार ग्रीन बजट भी पेश किया।

दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में होगा एमओयू

आरसीडीएफ एमडी श्रुति भारद्वाज ने बताया कि 3 मार्च को दिल्ली में गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में आरसीडीएफ, जयपुर डेयरी, एनडीडीबी और सुजूकी के बीच एमओयू होगा।

  • आरसीडीएफ जमीन उपलब्ध कराएगा।

  • जयपुर डेयरी किसानों से गोबर एकत्र करेगी।

  • सुजूकी प्लांट की स्थापना करेगी।

  • एनडीडीबी और सुजूकी प्लांट का संचालन करेंगे।

राजस्थान में पहला सहकारी बायोगैस प्लांट

अधिकारियों का दावा है कि यह प्लांट सहकारिता क्षेत्र में प्रदेश का पहला बायोगैस प्लांट होगा। पशुपालन व डेयरी मंत्री जोराराम कुमावत ने कहा कि इस प्रोजेक्ट की सफलता के बाद अन्य जिलों में भी ऐसे प्लांट स्थापित किए जाएंगे।

यह परियोजना किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और जैविक खेती को बढ़ावा देने में एक बड़ा कदम साबित होगी।

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