



जयपुर नेट-थियेट के मंच पर आयोजित ‘प्रभु सिमरन’ कार्यक्रम में भजन गायक चेतन जाजोटर ने अपनी सुरीली प्रस्तुति से भक्ति रस की अविरल धारा प्रवाहित की।
नेट-थियेट के संयोजक राजेंद्र शर्मा ‘राजू’ ने बताया कि कलाकार गिरधर ने अपने कार्यक्रम की शुरुआत "थारो जन्म मरण रो" भजन से की, जिससे श्रोताओं में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। इसके बाद "मत बांधो गठरिया अपजस् की, अपजस् की रे पराए बस की" जैसे गहरे अर्थपूर्ण भजनों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में "मात-पिता से मुख से न बोले, तिरिया से बात करें रस की" जैसे भजनों ने रिश्तों की गहराई और भक्ति के मर्म को उजागर किया। इसके बाद "म्हारा जूना जोशी राम जी मिलन कब होसी" और "सांवरिया म्हारी अरज सुनो गिरधारी" भजन की शानदार प्रस्तुति ने श्रद्धालुओं को भक्ति में लीन कर दिया।
🎹 सिंथेसाइजर: नितिन जाजोटर
🥁 ढोलक: मनीष गोलेछा
🎼 संगीत संयोजन: विनोद सागर गढ़वाल
📷 प्रकाश एवं कैमरा संचालन: मनोज स्वामी
🎭 मंच सज्जा: अंकित शर्मा ‘नोनू’ एवं जीवितेश शर्मा
📢 कार्यक्रम संयोजक: नवल डांगी
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालु भजनों की धुन पर झूमते नजर आए और पूरे माहौल में आध्यात्मिकता का संचार हुआ।