



राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री दिया कुमारी ने वर्ष 2025-26 के आउटपुट आउटकम बजट को प्रस्तुत किया, जिसे विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बिना बहस के पारित कराया। इसके बाद सदन में जनजाति विभाग और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की अनुदान मांगों पर बहस शुरू हुई।
जनजाति और सामाजिक न्याय विभाग की अनुदान मांगों पर चर्चा:
चर्चा की शुरुआत जनजाति मंत्री बाबूलाल खराड़ी और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने अपने विभागों की अनुदान मांगें प्रस्तुत करके की। इसके बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने बहस शुरू की।
भाजपा विधायक फूलचंद मीणा ने कहा कि सरकार आदिवासियों के विकास के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में सुधार आ रहा है।
कांग्रेस विधायक गणेश गोगरा ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि 2021 में घोषित स्कूटी योजना का लाभ अब तक नहीं मिला। उन्होंने टीएसपी (Tribal Sub Plan) क्षेत्रों में आदिवासी अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति की मांग की, ताकि योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सके।
विधानसभा के प्रश्नकाल में पालनहार योजना के तहत अनाथ बच्चों को समय पर पैसा न मिलने पर कांग्रेस विधायकों ने हंगामा किया।
कांग्रेस विधायक मनीष यादव ने सरकार से जवाब मांगा कि अनाथ बच्चों को पालनहार योजना की राशि में देरी क्यों हो रही है?
सामाजिक न्याय मंत्री अविनाश गहलोत ने सफाई देते हुए कहा कि तकनीकी कारणों से भुगतान में देरी हुई, लेकिन 40 करोड़ रुपये की बकाया राशि के भुगतान के लिए बैंक ईसीएस हो चुका है।
कांग्रेस ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि जब प्रदेश में बड़े-बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए फंड उपलब्ध हैं, तो अनाथ बच्चों के लिए पैसा क्यों नहीं दिया जा रहा?
इससे पहले नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने पूरक सवाल में ‘जय भीम’ का जिक्र किया, जिस पर सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने आपत्ति जताई।
उप मुख्यमंत्री प्रेमचंद बेरवा ने विधायक विनोद कुमार के सवाल के जवाब में कहा कि पीलीबंगा और रावतसर महाविद्यालय में विद्या संबल योजना के तहत व्याख्याताओं के खाली पद भरे जाएंगे।
जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी ने भाजपा विधायक पूसाराम गोदारा को आश्वासन दिया कि रतनगढ़ में जल जीवन मिशन के अधूरे कार्य जल्द पूरे किए जाएंगे और लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
शून्य काल में भाजपा विधायक कालीचरण सराफ ने विधानसभा में ध्यानाकर्षण प्रस्ताव के जरिए जयपुर के करतारपुरा नाले को पक्का-चौड़ा करने के कारण 500 मकान टूटने का मामला उठाया। भाजपा विधायक कालीचरण सराफ ने कहा कि लोकतंत्र में 500 मकानों को तोड़े जाना संभव नहीं है, किसी हालत में इन मकानों को तोड़ने नहीं होने दिया जाएगा। यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि पीआईएल पर सुनवाई करते हुए वर्ष 2018 में हाईकोर्ट ने नाले को पक्का करने की कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने कहा किसरकार हाईकोर्ट में नई तरीके से योजना बनाकर प्रस्तुत करेगी जिससे कि मकान को बचाया जा सकेगा।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय सर्किल पर मूर्ति विवाद:
निर्दलीय विधायक यूनुस खान ने ध्यान आकर्षण प्रस्ताव के माध्यम से डीडवाना में बांगड़ अस्पताल के पास दीनदयालउपाध्याय सर्किल पर तोड़फोड़ का मुद्दा विधानसभा में उठाया। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि मूर्ति स्थल पर तोड़फोड़ की घटना करने वाले व्यक्ति रामकरण को गिरफ्तार किया था। उसके परिजनों ने बताया कि रामकरण की दिमागी हालत ठीक नहीं है। उस स्थान का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम के जवाब पर सवाल उठाते हुए दिल्ली विधायक यूनुस खान ने कहा कि यहां 1990 से 2003 तक मूर्ति को तीन बार तोड़ा गया। अगर कोई घटना चार बार हो जाए, उसका विवरण रिपोर्ट में नहीं दे, इससे बड़ा दुर्भाग्य नहीं हो सकता। पंडित उपाध्याय सामान्य व्यक्ति नहीं थे, जनसंघ अध्यक्ष रहे। उन्होंने अंत्योदय की विचारधारा रखी, गरीब की बात की। उनकी विचारधारा का कहां आदर नहीं है। सरकार इस घटना को इतने हलके में ले, यह ठीक नहीं है।
निर्दलीय विधायक यूनुस खान ने कहा कि इससे पहले भी हमने धरने प्रदर्शन किए। तीन बार मूर्ति को तोड़ा गया। एक गिरोह है जो नहीं चाहता कि दीनदयाल उपाध्याय की मूर्ति लगे और उनकी विचारधारा फैले। गृह राज्य मंत्री बेढम ने कहा कि दीनदयाल उपाध्याय का हर कोई सम्मान करता है। उनकी मूर्ति खंडित करने की घटना के किसी दोषी को नहीं छोड़ा जाएगा और कानून के मुताबिक सख्त सजा दी जाएगी।
बीमा कंपनियों पर कार्रवाई की मांग:
इससे पहले विधानसभा में शून्य काल में स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से कांग्रेस के विधायक अमित चाचन ने बीमा कंपनियों द्वारा फसलों नुकसान के बावजूद उसका भुगतान नहीं करने का मामला उठाया।उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि ऐसी बीमा कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
कृषि मंडियों की हड़ताल:
कांग्रेस के विधायक हरिमोहन शर्मा ने स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से प्रदेश में 5 दिन से कृषि मंडीयो में चल रही हड़ताल का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि सरकार को उनकी मांगे शीघ्र पूरी करनी चाहिए।
कोटा-झालावाड़ रेलवे अंडरपास:
कांग्रेस के विधायक सुरेश गुर्जर ने झालावाड़ से कोटा के रास्ते में रेलवे अंडरपास नहीं होने के कारण जाम की समस्या बनी रहती है। इस जाम की समस्या को समाप्त करने के लिए सरकार को शीघ्र रेलवे अंडरपास बनाना चाहिए।
पंचायत मंत्री मदन दिलावर ने कहा कि सरकार ने इस समस्या के समाधान के लिए 46 करोड रुपए की राशि उपलब्ध करा दी है और शीघ्र ही अंडर पास बन जाएगा। स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से विधायक विक्रम सिंह ने नवलगढ़ में ड्रेनेज और सीवरेज के अधूरे काम को शीघ्र करने की मांग रखी। कांग्रेस के विधायक डूंगर राम गदर ने स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से पटवारी भर्ती 2025 में आरक्षण की विसंगतियों का जिक्र किया और उसे समाप्त करने की मांग की।
भाजपा के विधायक ललित मीणा ने स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से किशनगंज कस्बे में जेजेएम के स्वीकृत कार्य के तहत नालियां और सड़कों के कार्य को शीघ्र करने की मांग रखी। भाजपा के विधायक शंकर सिंह रावत ने उनके विधानसभा क्षेत्र के बड़ाखेड़ा गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र को अपग्रेड कर उसे सामूहिक स्वास्थ्य केंद्र बनाने की मांग रखी।
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा के सवाल के जवाब में कहा कि आदिवासी इलाकों में टीचर के खाली पदों को जल्द से जल्द भरा जाएगा। इस पर कांग्रेस विधायक गणेश घोघरा ने पूछा कि टाइम बताइए कब तक भरेंगे? नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने दिलावर से पूछा कि क्या आपके घोषणा पत्र में नहीं था क्या कि एक साल में सभी खाली पद भर देंगे।
शिक्षा, जल जीवन मिशन और पटवारी भर्ती पर बहस
विधानसभा में शुक्रवार को छबड़ा विधानसभा क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत हुए कार्यों में गड़बड़ी को लेकर जमकर बहस हुई। भाजपा विधायक प्रताप सिंह सिंघवी ने निर्माण कार्यों में भारी अनियमितताओं और अधिकारियों की लापरवाही का मुद्दा उठाया। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या घटिया निर्माण और नियमों के उल्लंघन में संलिप्त अधिकारियों पर कोई कार्रवाई होगी?
जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने आश्वासन दिया कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और जल जीवन मिशन के कार्यों की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ होगी।
विधानसभा की समीक्षा लिखें जाने तक विधानसभा में जनजाति विकास विभाग और सामाजिक न्याय अधिकारिता विभागके अनुदान मांगों पर बहस जारी थी