



राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान अनाथ बच्चों को पालनहार योजना के तहत समय पर भुगतान नहीं मिलने का मुद्दा गरमा गया। कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर निशाना साधते हुए योजना के क्रियान्वयन में लापरवाही के आरोप लगाए।
कांग्रेस विधायक मनीष यादव ने सवाल किया कि पालनहार योजना के तहत अनाथ बच्चों को मिलने वाला पैसा समय पर क्यों नहीं मिल रहा?
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने जवाब देते हुए कहा कि तकनीकी कारणों से भुगतान में देरी होती है, लेकिन 40 करोड़ रुपए के बकाया भुगतान के लिए बैंक ईसीएस हो चुका है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि अब किसी भी पात्र बच्चे को योजना का लाभ मिलने में देरी नहीं होगी।
सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री के जवाब से कांग्रेस विधायक संतुष्ट नहीं हुए और हंगामा शुरू हो गया।
मंत्री के जवाब पर कांग्रेस विधायकों ने सवाल उठाए और सरकार पर निशाना साधा:"बजट में बड़े-बड़े दावे करने वाली सरकार अनाथ बच्चों को समय पर पैसा नहीं दे पा रही, यह दुर्भाग्यपूर्ण है।"
"40 करोड़ का बकाया भुगतान सरकार की असफलता को दर्शाता है।" "योजना के तहत मिलने वाली राशि कई बार महीनों तक नहीं मिलती, जिससे अनाथ बच्चों और उनके पालकों को भारी परेशानी होती है।"
प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने छात्रवृत्तियों से जुड़े पूरक सवाल में मंत्री पर तंज कसा और कहा कि:
"मंत्री जी, आप यूं तो खूब 'जय भीम' कहते रहते हो, इस पर ध्यान दीजिए।" इस पर सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने आपत्ति जताई और कहा कि "सदन में इस तरह की टिप्पणियों से बचना चाहिए।" इस टिप्पणी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच सदन में तीखी बहस छिड़ गई और कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित हुई।
कांग्रेस विधायकों ने पालनहार योजना को सही तरीके से लागू करने और बकाया राशि शीघ्र वितरित करने की मांग की।मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि सरकार योजना को और अधिक सुचारू रूप से चलाने के लिए प्रयास कर रही है।सदन में सहमति बनी कि पालनहार योजना के लाभार्थियों को हर महीने समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाएगा।