Saturday, 29 August 2026

विधानसभा में गतिरोध बरकरार: "दादी" शब्द पर गरमाई राजनीति, कांग्रेस की गैरमौजूदगी में भाजपा ने उठाया मुद्दा, विधानसभा अध्यक्ष का अपमान, हो कार्रवाई


विधानसभा में गतिरोध बरकरार: "दादी" शब्द पर गरमाई राजनीति, कांग्रेस की गैरमौजूदगी में भाजपा ने उठाया मुद्दा, विधानसभा अध्यक्ष का अपमान, हो कार्रवाई

राजस्थान विधानसभा में "दादी" शब्द विवाद को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच टकराव और तेज हो गया है। गुरुवार को शून्यकाल के दौरान कांग्रेस की गैरमौजूदगी में भाजपा के अर्जुन लाल जीनगर ने इस मामले को लेकर विस्तार से अपनी बात रखी और कहा कि कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह डोटासरा ने आसन का अपमान किया है, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

सदन में मौजूद राष्ट्रीय लोकदल के डॉक्टर सुभाष गर्ग ने इस मामले में बोलने की इजाजत मांगी लेकिन सभापति संदीप शर्मा ने उन्हें बोलने की इजाजत नहीं दी।उन्होंने कहा की पर्ची में मंत्री के जवाब के बाद भी सत्ता दल की विधायक श्री चंद कृपलानी को बोलने का मौका दिया गया है ऐसे में उन्हें भी इस मामले में मौका दिया जाना चाहिए। सभापति संदीप शर्मा नेउन्हें बोलने की इजाजत नहीं दी।

भाजपा ने उठाई डोटासरा पर कार्रवाई की मांग

भाजपा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने कहा कि मंत्री अविनाश गहलोत को "दादी" की जगह "ग्रैंडमदर" कहना चाहिए था। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि "अगर ग्रैंडमदर कहा जाता तो कांग्रेस के लोग इसे अपमान नहीं मानते, क्योंकि वे इटली की व्यवस्था से चलते हैं।"

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गोविंद सिंह डोटासरा ने सदन के बाहर स्पष्ट रूप से कहा था, "मैं नहीं, मेरा जूता माफी मांगेगा।"
उन्होंने यह भी कहा कि विधानसभा परिसर में इस तरह की भाषा के इस्तेमाल के खिलाफ सख्त नियम बनाए जाने चाहिए।

गृह राज्य मंत्री बोले - "डोटासरा को माफी मांगनी चाहिए थी"

गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने भी डोटासरा के व्यवहार को लेकर सख्त प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि -"सदन में डोटासरा ने अध्यक्ष के प्रति गलत व्यवहार किया है, उन्हें माफी मांगनी चाहिए थी। उन्हें पूरा मौका दिया गया, लेकिन उन्होंने माफी नहीं मांगी। उल्टा उन्होंने स्तरहीन शब्दों का उपयोग किया। इसलिए उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा कि -"सत्तापक्ष गतिरोध खत्म करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन विपक्ष सदन में आने को तैयार नहीं है।"

खाद्य आपूर्ति मंत्री सुमित गोदारा ने भी कहा कि विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी हमेशा ही सबका ध्यान रखते हैं।उन्होंने कहा कि कांग्रेस के निष्कासित सदस्य गोविंद सिंह डोटासरा को सदन में बोलने का मौका दिया गया लेकिन उन्होंनेमाफी नहीं मांगी बल्कि अपने तौर तरीके से कांग्रेस के विधायकों का वर्कआउट कराया।उन्होंने कहा कि गोविंद सिंह डोटासरा के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए उनका रवैया गलत है।

 कांग्रेस की गैरमौजूदगी में वित्त विधेयक पर चर्चा शुरू

कांग्रेस विधायकों की गैरमौजूदगी में विधानसभा में वित्त विधेयक पर चर्चा शुरू कर दी गई।
भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने चर्चा शुरू करते हुए कहा कि भाजपा में वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करने की परंपरा है, लेकिन कांग्रेस में ऐसा कल्चर नहीं है।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री हीरालाल देवपुरा का उदाहरण देते हुए कहा कि भैरों सिंह शेखावत ने उन्हें देवपुरा के अस्पताल में जाकर आशीर्वाद लेने की सीख दी थी, लेकिन कांग्रेस में ऐसी परंपराएं नहीं हैं।


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