



राजस्थान सरकार के बजट 2025 से राज्य कर्मचारियों को भारी निराशा हुई है। सरकार ने कर्मचारियों को मिलने वाली कई प्रमुख सुविधाओं की घोषणा नहीं की, जिससे विभिन्न कर्मचारी संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है।
पदोन्नति में दो वर्ष की छूट सशर्त:सरकार ने दो साल की छूट तो दी, लेकिन सशर्त, जिससे कई पद अब भी खाली रह सकते हैं।कर्मचारियों का कहना है कि यह व्यवस्था पदोन्नति की प्रक्रिया को और जटिल बना देगी।
निविदा और संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण पर कोई फैसला नहींसरकार ने संविदा और ठेके पर काम करने वाले कर्मचारियों के लिए कोई ठोस नीति नहीं बनाई।इससे हजारों कर्मचारियों की नौकरी की स्थिरता पर संकट बना रहेगा।
अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ (एकीकृत) के प्रदेश अध्यक्ष गजेंद्र सिंह राठौड़ ने कहा कि नई भर्तियों और मानदेय बढ़ोतरी का स्वागत है, लेकिन राज्य सरकार ने कर्मचारियों की महत्वपूर्ण मांगों को नजरअंदाज कर दिया। सरकार को जल्द ACP और नियमितीकरण पर फैसला लेना चाहिए।
कर्मचारी संगठनों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गईं, तो वे जल्द ही आंदोलन करेंगे।