Saturday, 29 August 2026

विधानसभा में कोचिंग संस्थानों में काउंसलर नियुक्ति पर हंगामा, सरकार इस सत्र में लाएगी बिल


विधानसभा में कोचिंग संस्थानों में काउंसलर नियुक्ति पर हंगामा, सरकार इस सत्र में लाएगी बिल

राजस्थान विधानसभा में कोचिंग संस्थानों में काउंसलर नियुक्ति को लेकर गुरुवार को जोरदार हंगामा हुआ। कांग्रेस विधायक शांति धारीवाल ने कोचिंग सेंटरों में काउंसलर नहीं होने पर सवाल उठाया और सरकार की भूमिका पर सवाल खड़े किए।

शांति धारीवाल कोचिंग सेंटरों में मेंटल हेल्थ काउंसलर्स की अनिवार्यता पर लंबा सवाल रख रहे थे, जिस पर विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने उन्हें टोकते हुए कहा आप सवाल पूछिए, भाषण मत दीजिए।

इस पर भाजपा विधायकों और धारीवाल के बीच तीखी बहस हो गई। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने बीच में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मंत्री खुद सदन की कार्यवाही में बाधा डाल रहे हैं।

शांति धारीवाल के सवाल: कोचिंग संस्थानों में काउंसलर रखना अनिवार्य है, फिर भी कई जगह इसका पालन नहीं हो रहा। सरकार ने कोचिंग सेंटरों की निगरानी क्यों नहीं की?

कोचिंग हब कोटा में आए दिन छात्रों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं सामने आ रही हैं, फिर भी इस पर कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई?

स्वास्थ्य मंत्री का जवाब: सरकार बिल लाएगी: स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने जवाब देते हुए कहा कि कोचिंग सेंटरों में काउंसलर रखने का प्रावधान पहले से है, और जयपुर, कोटा, जोधपुर में कुछ सेंटरों में काउंसलर रखे गए हैं। राज्य सरकार कोचिंग सेंटरों को रेगुलेट करने के लिए एक बिल इस सत्र में लाने जा रही है। जब तक यह बिल पास नहीं होता, सरकार के पास कोचिंग सेंटरों पर दखल देने का कानूनी अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि हम कोचिंग सेंटरों पर जाकर दादागिरी नहीं कर सकते।

कोटा में बढ़ते सुसाइड के चलते मामला संवेदनशील: कोटा में बीते साल 26 से ज्यादा छात्र आत्महत्या कर चुके हैं, जिससे मेंटल हेल्थ को लेकर कोचिंग संस्थानों की भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सरकार के नए बिल के बाद यह उम्मीद की जा रही है कि काउंसलर की नियुक्ति अनिवार्य रूप से की जाएगी।

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