Saturday, 29 August 2026

राजस्थान में भाजपा के सभी जिला अध्यक्ष 18 फरवरी तक घोषित होने की संभावना, संगठन चुनाव प्रक्रिया तेज


राजस्थान में भाजपा के सभी जिला अध्यक्ष 18 फरवरी तक घोषित होने की संभावना, संगठन चुनाव प्रक्रिया तेज

भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने राजस्थान में सभी जिला अध्यक्षों की घोषणा 18 फरवरी तक करने का निर्णय लिया है। भाजपा संगठन में यह पहला मौका है जब इतने व्यापक स्तर पर जिला अध्यक्षों के चुनाव समय पर नहीं हो सके।

 जिला अध्यक्षों की चुनाव प्रक्रिया में तेजी

राजस्थान में सभी जिलों के लिए प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में पहुंच चुके हैं और चुनाव प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।रविवार को जयपुर शहर, जयपुर देहात (उत्तर), बीकानेर शहर, झुंझुनू, दौसा, करौली, धौलपुर, सवाई माधोपुर, टोंक, भीलवाड़ा, जोधपुर उत्तर, डूंगरपुर, चित्तौड़गढ़, बारां, बूंदी और झालावाड़ के जिला अध्यक्षों के लिए नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई।भाजपा संगठन चाहता है कि अधिकतर जिलाध्यक्ष सर्वसम्मति से चुने जाएं, ताकि किसी तरह का विवाद न हो। कुछ प्रभावशाली नेताओं ने यह प्रस्ताव दिया है कि चुनाव लड़ने वाले नेताओं से पहले ही नामांकन वापस लेने का फॉर्म भरवा लिया जाए, जिससे सर्वसम्मति से अध्यक्षों की घोषणा की जा सके।

संगठन महामंत्री बीएल संतोष का बयान – विवाद नहीं होना चाहिए

भाजपा के संगठन महामंत्री बीएल संतोष ने जयपुर में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में बड़े नेताओं से समन्वय बनाकर संगठन में एकरूपता लाने की बात कही।यही कारण है कि संगठन चुनाव में देरी हुई, लेकिन अब रास्ता निकालकर सभी जिलाध्यक्षों की घोषणा कर दी जाएगी।

चुनाव अधिकारी नारायण पंचारिया का बयान

नारायण पंचारिया ने बताया कि भाजपा संगठन की चुनाव प्रक्रिया लोकतांत्रिक तरीके से करवाई जा रही है।दिल्ली विधानसभा चुनाव के कारण कई नेताओं को अन्य जिम्मेदारियां दी गई थीं, जिससे जिला अध्यक्षों की नियुक्ति में देरी हुई।अब चुनाव संपन्न हो चुके हैं, इसलिए तीन से चार दिन में राजस्थान के बाकी जिलों में अध्यक्षों की निर्वाचन प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया अभी तय नहीं हुई है, राष्ट्रीय नेतृत्व से निर्देश मिलने के बाद यह प्रक्रिया शुरू होगी।

 राजस्थान में अब तक कितने अध्यक्ष चुने गए?

राजस्थान के 27 भाजपा जिलाध्यक्षों में 22 ब्राह्मण, वैश्य और ओबीसी वर्ग से चुने गए हैं। तीन महिलाओं को जिलाध्यक्ष बनाया गया है, लेकिन एक भी आदिवासी चेहरा शामिल नहीं किया गया। अब तक 1,000 से अधिक मंडल अध्यक्ष बनाए जा चुके हैं और 52,000 बूथ अध्यक्षों में से 43,000 से अधिक की नियुक्ति हो चुकी है।

 भाजपा जिलाध्यक्षों का जातिगत वर्गीकरण

 वैश्य – 6ब्राह्मण – 4राजपूत – 2,सोनी समाज – 1जाट – 3,बिश्नोई – 2,जांगिड़, तेली, प्रजापत, जट सिख (OBC) – 1-1 (कुल 9 OBC)गुर्जर – 2MBC – 3 SC – 2,आदिवासी – 0

भाजपा की रणनीति – सर्वसम्मति से अध्यक्षों की घोषणा

भाजपा चाहती है कि सभी जिला अध्यक्षों का चुनाव सर्वसम्मति से हो, ताकि संगठन में किसी प्रकार का विवाद न हो।यदि सहमति नहीं बनती है, तो मतदान की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।भाजपा का लक्ष्य राजस्थान में संगठन को मजबूती देने और आगामी चुनावों की तैयारी करना है।राजस्थान में भाजपा संगठन अब पूरी तरह से मजबूत और सक्रिय होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिससे आगामी चुनावों में पार्टी की पकड़ और मजबूत हो सके।

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