Saturday, 29 August 2026

अजमेर के वरुण सागर में लगेगी भगवान झूलेलाल की मूर्ति, बनेगा घाट: वासुदेव देवनानी


अजमेर के वरुण सागर में लगेगी भगवान झूलेलाल की मूर्ति, बनेगा घाट: वासुदेव देवनानी

अजमेर में फॉयसागर झील का नाम बदलकर वरुण सागर करने के बाद अब यहां भगवान झूलेलाल की भव्य मूर्ति स्थापित की जाएगी और एक नया घाट बनाया जाएगा। इस महत्वपूर्ण निर्णय के लिए सिंधी समाज और विभिन्न संगठनों ने विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी का सम्मान किया।

वरुण सागर में होगी झूलेलाल जी की मूर्ति स्थापना

वरुण सागर झील पर श्रद्धालुओं के लिए विशेष घाट का निर्माण होगा, जहां सिंधी समाज पूजा-अर्चना कर सकेगा।चेटीचंड उत्सव तक यह घाट पूरी तरह बनकर तैयार कर दिया जाएगा।इससे सिंधी समाज की धार्मिक परंपराओं को संरक्षित करने और चालिहो उत्सव को सुगम बनाने में मदद मिलेगी।विश्व के विभिन्न हिस्सों से सिंधी समाज और संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है।

गुलामी के प्रतीक से मुक्ति, सनातन धर्म की विजय – देवनानी

विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा कि फॉयसागर का नाम बदलकर वरुण सागर करना ऐतिहासिक निर्णय है।यह परिवर्तन सनातन धर्म की विजय को दर्शाता है और समाज को अपनी आस्था एवं परंपराओं को संरक्षित करने का अवसर देगा।भगवान झूलेलाल सिर्फ सिंधी समाज के ही नहीं, बल्कि सभी समुदायों के आराध्य हैं, उनकी मूर्ति की स्थापना सांस्कृतिक विरासत को और अधिक सशक्त करेगी।इस पहल से धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा और अजमेर को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।

स्मार्ट सिटी योजना के तहत अजमेर को पर्यटन हब के रूप में विकसित करने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम हो रहा है।शहर के प्रवेश द्वार के निर्माण सहित अन्य विकास कार्य किए जा रहे हैं।शिक्षा के क्षेत्र में भी बड़ा योगदान – महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में 2 करोड़ रुपये की लागत से सिंधु शोध पीठ की स्थापना।शहीद हेमू कालानी, दाहर सेन, संत कंवर राम, संत टेऊ राम, संत भगवान चंद्र जैसे महापुरुषों को पाठ्यक्रम में शामिल किया गया।

 धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूती मिलेगी

वरुण सागर का नामकरण और झूलेलाल जी की मूर्ति स्थापना, सिंधी समाज की धार्मिक पहचान को और अधिक सशक्त बनाएगा।अजमेर को धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में नई पहचान मिलेगी।सिंधी समाज के योगदान को सम्मान देने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।अगले कुछ महीनों में वरुण सागर झील पर भगवान झूलेलाल की मूर्ति स्थापना और घाट निर्माण कार्य शुरू होगा, जिससे अजमेर का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व और अधिक बढ़ेगा।

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