



सरकार 2025 में मिडिल क्लास को राहत देने के लिए कई बड़े फैसले ले रही है। बजट में टैक्स कटौती और रिजर्व बैंक की ब्याज दरों में कमी के बाद अब नौकरीपेशा लोगों की निगाहें EPFO पर मिलने वाले ब्याज दरों पर टिकी हैं। उम्मीद है कि सरकार ईपीएफओ (EPFO) में जमा पैसे पर ब्याज दर बढ़ाने का फैसला ले सकती है, जिससे करोड़ों कर्मचारियों की बचत में इजाफा होगा।
प्रोविडेंट फंड से संबंधित सभी फैसले EPFO लेता है और अब सभी की नजरें 28 फरवरी को होने वाली बोर्ड मीटिंग पर हैं। इसमें पीएफ पर मिलने वाली ब्याज दरों को बढ़ाने पर फैसला लिया जा सकता है।
अगर EPFO पर ब्याज दरों में वृद्धि होती है, तो इससे सैलरीड क्लास को बड़ी राहत मिलेगी। पीएफ में निवेश करने वाले करोड़ों कर्मचारियों को बचत में सीधा लाभ मिलेगा, जिससे उनका रिटायरमेंट फंड भी मजबूत होगा। सरकार ने अब तक ब्याज दर बढ़ाने को लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया है, लेकिन चर्चा जोरों पर है।
अब सभी की नजरें EPFO की बोर्ड मीटिंग के फैसले पर टिकी हैं, जो मिडिल क्लास के लिए एक बड़ा आर्थिक राहत पैकेज साबित हो सकता है।