



एम्स जोधपुर में आत्मघाती आरडीएक्स बम ब्लास्ट की धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया। अन्ना यूनिवर्सिटी के एक प्रोफेसर के नाम से मिले धमकी भरे ई-मेल के बाद पुलिस ने एम्स की सुरक्षा कड़ी कर दी। बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की मदद से परिसर की पूरी तरह तलाशी ली गई। हालांकि, अब तक कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति नहीं मिला, जिससे पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली।
बासनी थाना अधिकारी ने बताया कि धमकी भरा ई-मेल मिलने के बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। हर आने-जाने वाले की दोहरी जांच की गई और एम्स परिसर के कोने-कोने की तलाशी ली गई। लेकिन कोई संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति नहीं मिला।
मंगलवार देर रात एम्स डायरेक्टर को अन्ना यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के नाम से धमकी भरा ई-मेल मिला। इसमें एम्स जोधपुर में सुसाइड आरडीएक्स ब्लास्ट करने की चेतावनी दी गई। साथ ही, ई-मेल में एम्स में मौजूद सभी वीवीआईपी को सुरक्षित बाहर निकालने का आग्रह भी किया गया।
पुलिस और एम्स प्रशासन की सतर्कता के चलते ओपीडी और इमरजेंसी में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों की भी गहन जांच की गई। एम्स में प्रवेश करने से पहले हर व्यक्ति की मशीनों से दोहरी जांच की गई। साथ ही, एम्स के बाहर और अंदर पार्किंग में मौजूद सभी वाहनों की सघन तलाशी भी ली गई।
पुलिस जांच में अब तक किसी भी संदिग्ध गतिविधि का पता नहीं चला है, लेकिन ई-मेल भेजने वाले व्यक्ति की तलाश की जा रही है। पुलिस का मानना है कि संदिग्ध ने अपनी पहचान छिपाने के लिए अन्ना यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर का नाम इस्तेमाल किया। फिलहाल, पुलिस तकनीकी जांच के जरिए ई-मेल के वास्तविक स्रोत और भेजने वाले की पहचान करने में जुटी हुई है।