



जयपुर राजस्थान हाईकोर्ट ने SI भर्ती मामले में राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) के FIR दर्ज नहीं कराने पर कड़ी नाराजगी जताई। मंगलवार को सुनवाई के दौरान जस्टिस समीर जैन ने RPSC के कार्यवाहक चेयरमैन कैलाश चंद्र मीणा से तीखे सवाल किए और कहा कि आपके दो सदस्यों का नाम सामने आने के बाद भी क्या आपकी जिम्मेदारी नहीं बनती थी कि आप FIR दर्ज कराते?
हाईकोर्ट ने इस मामले पर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, "RPSC का कोई धणी-धोरी है क्या?" कोर्ट ने आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी हुई है, तो आयोग को ही इसकी निष्पक्ष जांच की पहल करनी चाहिए थी।
SI भर्ती परीक्षा में पेपर लीक की शिकायतें सामने आई थीं।RPSC के दो सदस्यों के नाम इस घोटाले में आए, लेकिन आयोग ने अब तक FIR दर्ज नहीं कराई। हाईकोर्ट ने अब RPSC से स्पष्ट जवाब मांगा है कि आखिर उसने अब तक FIR क्यों नहीं कराई?