



राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केंद्र सरकार पर जनगणना 2021 में देरी को लेकर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 का बहाना बनाकर जनगणना को टाला गया और अब चार साल बीतने के बाद भी कोई पहल नहीं की गई। उन्होंने यह भी कहा कि आजादी के बाद यह पहली बार हुआ है जब जनगणना तय समय पर नहीं हुई।
अशोक गहलोत ने कहा कि जनगणना न होने के कारण सरकारी योजनाओं की प्लानिंग प्रभावित हो रही है, खासकर राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत लाखों गरीबों को लाभ नहीं मिल पा रहा।
"2011 में जो 14 साल का बच्चा था, वह आज 28 साल का युवा हो चुका है, लेकिन जनगणना न होने से खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।"
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि जनगणना को जल्द से जल्द शुरू किया जाए ताकि नए आंकड़ों के आधार पर अधिक से अधिक जरूरतमंदों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
इससे पहले, सोनिया गांधी ने भी संसद में जनगणना में देरी और उससे प्रभावित हो रहे करोड़ों गरीबों की समस्याओं को उठाया था।