



जयपुर महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज, जयपुर में अब कैंसर की वैक्सीन बनाई जाएगी। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) ने कॉलेज को डेंड्रिटिक सेल वैक्सीन बनाने की मंजूरी दे दी है।
श्रीराम कैंसर सेंटर के डायरेक्टर और सीनियर कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. हेमंत मल्होत्रा ने बताया कि यह वैक्सीन गॉल ब्लेडर, हेड एंड नेक और ओवेरियन कैंसर के इलाज में उपयोगी होगी।
पहले फेज के क्लिनिकल ट्रायल की अनुमति मिल चुकी है, जिसमें इसकी प्रभावशीलता पर शोध किया जाएगा। यह देश का पहला मेडिकल कॉलेज होगा, जहां कैंसर वैक्सीन बनाने की मंजूरी मिली है।
डेंड्रिटिक सेल वैक्सीन इम्यून थेरेपी पर आधारित है, जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाकर कैंसर कोशिकाओं पर हमला करती है। यह कैंसर के इलाज में कीमोथेरेपी और रेडिएशन थेरेपी का विकल्प बन सकती है।यह वैक्सीन कैंसर को खत्म करने और इसके दोबारा बढ़ने से रोकने में मदद करती है।
कैंसर का इलाज महंगा और जटिल होने के कारण नई वैक्सीन मरीजों के लिए एक राहत बन सकती है।महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज में इस रिसर्च को बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। यदि ट्रायल सफल होता है, तो भारत में कैंसर के उपचार के लिए नई राह खुल सकती है।
अब कॉलेज में वैक्सीन के पहले चरण का ट्रायल होगा, जिसके नतीजों के आधार पर आगे के फेज की मंजूरी दी जाएगी। अगर यह ट्रायल सफल होता है, तो यह भारत में कैंसर के खिलाफ एक बड़ा कदम साबित होगा।