प्रयागराज राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक समागम तीर्थराज प्रयाग "महाकुंभ" में निरंजन पीठाधीश्वर 1008 आचार्य महामंडलेश्वर पूज्य स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज से आत्मीय भेंट की। इस दौरान उन्होंने स्वामी जी से आशीर्वाद प्राप्त कर आध्यात्मिक विचार-विमर्श किया।
धार्मिक और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव:मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस भेंट को अपने लिए सौभाग्य बताते हुए कहा कि महाकुंभ सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा का महान संगम है। उन्होंने कहा कि महाकुंभ में संत-महात्माओं का सानिध्य मिलना अत्यंत पुण्यदायी होता है, और स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज जैसे महान संतों का आशीर्वाद प्राप्त कर वे स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने की महाकुंभ की भव्यता की सराहना: इस अवसर पर मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि महाकुंभ न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वैभव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से सनातन धर्म की शक्ति, श्रद्धा और आस्था की अद्भुत झलक मिलती है।
स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने दिया आशीर्वाद: पूज्य स्वामी कैलाशानंद गिरी महाराज ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को आशीर्वाद देते हुए कहा कि राजस्थान सरकार धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के संवर्धन के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राजस्थान के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और धर्म और नीति पर अडिग रहने की प्रेरणा दी।
महाकुंभ में मुख्यमंत्री का व्यस्त कार्यक्रम:संगम स्नान: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रातः संगम में स्नान कर पुण्य अर्जित किया। पूजा-अर्चना: उन्होंने प्रयागराज के विभिन्न धार्मिक स्थलों और मंदिरों में पूजा-अर्चना की। कैबिनेट बैठक: मुख्यमंत्री ने प्रयागराज में राजस्थान कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता की। संत-समागम: वे कई संत-महात्माओं और अखाड़ा परिषद के प्रमुखों से भी मिले।