Thursday, 03 April 2025

पाली डाकघर घोटाला: CBI की बड़ी कार्रवाई, रिटायर्ड सब पोस्टमास्टर के घर छापा, करोड़ों के घोटाले की आशंका


पाली डाकघर घोटाला: CBI की बड़ी कार्रवाई, रिटायर्ड सब पोस्टमास्टर के घर छापा, करोड़ों के घोटाले की आशंका

राजस्थान के पाली जिले में डाकघर में हुए घोटाले को लेकर CBI ने बड़ी कार्रवाई की है। CBI ने रिटायर्ड सब पोस्टमास्टर भगवती लाल शर्मा के घर पर छापा मारा और लंबी पूछताछ की। इस घोटाले में गरीब लोगों की मेहनत की कमाई को फिक्स डिपॉजिट के नाम पर ठगा गया था। शुरुआत में यह घोटाला 60 लाख रुपए का बताया जा रहा था, लेकिन जांच में करोड़ों के घोटाले की आशंका जताई जा रही है।

कैसे हुआ घोटाला?

औद्योगिक थाना क्षेत्र के उप डाकघर में लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई को फिक्स डिपॉजिट (FD) में निवेश किया। पोस्टमास्टर ने फर्जी तरीके से डायरी में एंट्री कर डाकघर की मुहर और हस्ताक्षर के साथ लोगों को पासबुक जारी कर दी। लेकिन जब 5 साल बाद लोग अपनी FD की राशि लेने पहुंचे, तो डाकघर कर्मचारियों ने किसी भी खाते के अस्तित्व से इनकार कर दिया

पीड़िता पुष्पा अग्रवाल, जो झाड़ू-पोछा और सिलाई का काम कर अपनी जमा पूंजी जुटा रही थी, जब अपनी 5-5 लाख की FD की रकम लेने पहुंची, तो उसे बताया गया कि उसका कोई खाता ही नहीं है। धीरे-धीरे अन्य पीड़ित भी सामने आने लगे और अब तक 13 पीड़ितों ने 67.65 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है

CBI की कार्रवाई

घोटाले की शिकायत के बाद मामला केंद्र सरकार तक पहुंचा और CBI की टीम ने शनिवार सुबह 7 बजे पाली पहुंचकर रिटायर्ड सब पोस्टमास्टर के घर पर छापेमारी की। छापे में बड़ी मात्रा में ज्वेलरी, प्रॉपर्टी के दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण कागजात जब्त किए गए। CBI की टीम ने डाक विभाग के अधिकारियों से भी पूछताछ की और इस गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों की तलाश जारी है।

रिटायर्ड सब पोस्टमास्टर के घर पर छापेमारी की
रिटायर्ड सब पोस्टमास्टर के घर पर छापेमारी की

CBI की जांच में क्या सामने आया?

  • डाकघर में जमा नहीं हुई रकम: घोटाले में जिन 13 पीड़ितों की पासबुक जारी की गई थी, उनके खाते कभी भी डाकघर में खोले ही नहीं गए।
  • अवैध संपत्ति: CBI ने भगवती लाल शर्मा के घर से बड़ी मात्रा में सोना-चांदी और प्रॉपर्टी के दस्तावेज बरामद किए
  • CBI की पूछताछ: रिटायर्ड सब पोस्टमास्टर से यह पूछा गया कि जिन 13 लोगों की पासबुक पर उनके हस्ताक्षर थे, उनकी जमा पूंजी डाकघर के रिकॉर्ड में क्यों नहीं दिखाई दी?

पीड़ितों को धमकाने की कोशिश

इस घोटाले के उजागर होने के बाद पीड़ितों को डराने-धमकाने का भी प्रयास किया गया। पोस्ट ऑफिस के कुछ कर्मचारियों ने पीड़ितों से कहा कि मीडिया में मत बोलो, नहीं तो तुम्हारे पैसे डूब जाएंगे और यह भी कहा गया कि राशि वापस मिलने में 20 साल से ज्यादा समय लग सकता है

CBI की आगे की कार्रवाई

CBI की टीम ने रिटायर्ड सब पोस्टमास्टर को जांच के लिए CBI कार्यालय में पेश होने का आदेश दिया है। साथ ही बैंक खातों और लॉकरों की भी जांच की जा रही है। घोटाले की पूरी राशि का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।

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