



राजस्थान विधानसभा में फोन टैपिंग और जासूसी के मुद्दे को लेकर नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री कैबिनेट मंत्रियों की भी जासूसी करवा रहे हैं, जिससे आम नागरिकों के अधिकारों पर खतरा बढ़ गया है।
टीकाराम जूली ने कहा कि "कल तक हम आपको एक भोला आदमी मानते थे, लेकिन अब समझ आ गया कि आपको जासूसी और फोन टैपिंग का शौक है।" उन्होंने सवाल उठाया कि "यदि मुख्यमंत्री अपने ही मंत्रियों के फोन टैप करवा सकते हैं, तो आम जनता के अधिकारों की सुरक्षा का क्या होगा?"
उन्होंने आगे कहा कि "जो मीडिया चैनल मुख्यमंत्री की सच्चाई उजागर करेंगे, उनकी स्थिति क्या होगी?" जूली ने इस पूरे मामले को लोकतंत्र पर हमला बताया और मुख्यमंत्री पर असहमति को दबाने का आरोप लगाया।
टीकाराम जूली ने कहा कि "संसद में गृह मंत्री अमित शाह ने बाबासाहब अंबेडकर का अपमान किया और अब राजस्थान विधानसभा में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गांधी जी का अपमान कर दिया।" उन्होंने कहा कि "गांधी जी के बताए सात पापों में से एक है 'सिद्धांत विहीन राजनीति', और मुख्यमंत्री जी ठीक वही कर रहे हैं।"
नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री पर तंज कसते हुए कहा कि "लोकतंत्र में विश्वास रखने वाली सरकारें नागरिकों की जासूसी नहीं करतीं। लेकिन जिस तरह फोन टैपिंग और जासूसी की खबरें सामने आ रही हैं, उससे यह स्पष्ट हो गया है कि सरकार का लोकतंत्र पर भरोसा नहीं है।"
उन्होंने मांग की कि "मुख्यमंत्री इस पूरे प्रकरण पर सदन में सफाई दें और जनता को बताएं कि वे किस आधार पर अपने ही मंत्रियों और आम नागरिकों की जासूसी करवा रहे हैं।"