



प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव के तहत अपने 92 मिनट के भाषण में कांग्रेस पर करारा हमला बोला। उन्होंने अपनी ‘सबका साथ-सबका विकास’ नीति पर जोर देते हुए परिवारवाद, इमरजेंसी, बाबा साहेब अंबेडकर, आरक्षण, UCC, आदिवासी, दिव्यांग, ट्रांसजेंडर और महिला सशक्तिकरण जैसे मुद्दों को उठाया।
पीएम मोदी ने कांग्रेस पर परिवारवाद की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहाकिइतना बड़ा दल एक परिवार के लिए समर्पित हो गया है। कांग्रेस का मॉडल फैमिली फर्स्ट है, जबकि हमारा मॉडल नेशन फर्स्ट है। देश की जनता ने हमें लगातार तीसरी बार सेवा का अवसर दिया, जो बताता है कि हमारे विकास मॉडल को जनता ने परखा, समझा और समर्थन दिया है।
प्रधानमंत्री ने 1975 में कांग्रेस सरकार द्वारा लागू की गई इमरजेंसी का जिक्र करते हुए कहा कि देश ने इमरजेंसी का दौर देखा है, जब संविधान को कुचला गया और लोकतंत्र की भावना को रौंदा गया। सत्ता के लिए देश की बड़ी हस्तियों को जंजीरों में जकड़ दिया गया। प्रसिद्ध कलाकार देवानंद को इमरजेंसी का समर्थन करने के लिए कहा गया, जब उन्होंने इनकार किया, तो उनकी फिल्में दूरदर्शन पर बैन कर दी गईं। इसी तरह गायक किशोर कुमार ने कांग्रेस के लिए गाने से मना किया, तो उनके गाने आकाशवाणी पर प्रतिबंधित कर दिए गए।
पीएम मोदी ने अपने भाषण में डॉ. भीमराव अंबेडकर का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब अंबेडकर के प्रति कांग्रेस का कितना गुस्सा था, यह इतिहास में दर्ज है। कांग्रेस ने अंबेडकर को दो-दो बार चुनाव में हराने की साजिश रची। कांग्रेस कभी भी उन्हें भारत रत्न देने के योग्य नहीं समझती थी। लेकिन देश की जनता ने बाबा साहेब का सम्मान किया, जिससे आज कांग्रेस को मजबूरी में ‘जय भीम’ कहना पड़ रहा है, हालांकि उनका मुंह सूख जाता है।
मोदी ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ के नारे को अपनी सरकार की नीतियों की रीढ़ बताया और कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि हमारी राजनीति का मूलमंत्र सबका साथ, सबका विकास है, जबकि कांग्रेस की राजनीति का मूलमंत्र दूसरों की लकीर छोटी करना है। कांग्रेस से इस नीति की उम्मीद करना ही गलती होगी।
मोदी ने ‘मेक इन इंडिया’ पहल की सफलता को रेखांकित करते हुए कहा कि कांग्रेस के पंजे से मुक्त होकर आज देश ऊंची उड़ान भर रहा है। पहले हम मोबाइल बाहर से मंगाते थे, आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल निर्माता देश बन चुका है। खादी और ग्रामोद्योग का टर्नओवर डेढ़ लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया है। स्टील, खिलौने, दवाएं और हर्बल उत्पादों के निर्यात में भी भारी इजाफा हुआ है।