जयपुर विकास प्राधिकरण (JDA) ने अपने रीजन को दोगुना करने का बड़ा फैसला लिया है। जेडीए की अधिकृत समिति ने जयपुर शहर से चारों ओर विस्तार करते हुए मौजूदा 3,000 वर्ग किलोमीटर के जेडीए रीजन को बढ़ाकर 6,000 वर्ग किलोमीटर करने का निर्णय लिया है। इस विस्तार के तहत 633 नए गांवों को जेडीए रीजन में शामिल किया जाएगा।
40 से 60 किलोमीटर तक बढ़ेगा JDA रीजन
वर्तमान में जयपुर विकास प्राधिकरण का क्षेत्र 40 किलोमीटर तक फैला हुआ है।
अब इसे 60 किलोमीटर तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
JDA एक्ट के तहत गठित अधिकृत समिति की बैठक में यह बड़ा फैसला लिया गया।
समिति की अध्यक्षता JDA कमिश्नर आनंदी ने की।
प्रमुख विस्तार क्षेत्र
जमवारामगढ़ तहसील के गांव: मालिवास, भावपुरा, लाडीपुरा, चक चारणवास, खुरेला, दीपपुरा, डेढ़वाड़ी, धरमपुरा, भुज, जगमालपुरा, सरजौली, तिलक नगर आदि।
किशनगढ़ रेनवाल तहसील के गांव: जोरपुरा, सुंदरियावास, भेसावा, कुंडियों का बास, गुढ़ा मानसिंह, मुरलीपुरा, तुर्कियाबास, खोडी, हिंगोनिया आदि।
सरकार को भेजा जाएगा प्रस्ताव, 2047 का मास्टर प्लान तैयार होगा
JDA इन गांवों को अपने क्षेत्र में शामिल करने के लिए जल्द ही राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजेगा। सरकार से मंजूरी मिलने के बाद JDA इन गांवों को अपने अधिकार क्षेत्र में शामिल करने की अधिसूचना जारी करेगा। इसके बाद JDA विस्तारित क्षेत्र के लिए 2047 की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नया मास्टर प्लान तैयार करेगा।
इन तहसीलों के गांव होंगे JDA के दायरे में शामिल
JDA ने जिन 13 तहसीलों के 630 से अधिक गांवों को अपने क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया है, उनमें निम्नलिखित तहसीलें शामिल हैं:
आमेर तहसील – 51 गांव
बस्सी तहसील – 111 गांव
चाकसू तहसील – 58 गांव
चौमूं तहसील – 44 गांव
दूदू तहसील – 7 गांव
जमवारामगढ़ तहसील – 95 गांव
किशनगढ़ रेनवाल तहसील – 19 गांव
कोटखावदा तहसील – 14 गांव
मौजमाबाद तहसील – 49 गांव
फागी तहसील – 87 गांव
फुलेरा तहसील – 33 गांव
शाहपुरा तहसील – 55 गांव
विराट नगर तहसील – 9 गांव
JDA क्षेत्र के विस्तार से होंगे ये बड़े फायदे
जयपुर के नियोजित विकास को मिलेगी गति – JDA का विस्तार होने से जयपुर के तेजी से बढ़ते शहरीकरण को नियंत्रित और विकसित करने में मदद मिलेगी।
आधारभूत संरचना होगी मजबूत – नए क्षेत्रों में सड़कों, सीवरेज, जल आपूर्ति, बिजली और परिवहन जैसी सुविधाओं का विस्तार होगा।
रियल एस्टेट और औद्योगिक विकास को बढ़ावा – JDA क्षेत्र में आने से इन गांवों में रियल एस्टेट, व्यवसाय और औद्योगिक गतिविधियों में तेजी आएगी।
सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा – JDA में शामिल होने वाले गांवों के निवासियों को सरकार की विभिन्न योजनाओं का सीधा लाभ मिलेगा।
संपत्ति की कीमतों में वृद्धि – JDA में शामिल होने के बाद इन गांवों में जमीनों और संपत्तियों की कीमतें बढ़ सकती हैं, जिससे स्थानीय निवासियों को आर्थिक लाभ होगा।
बेहतर पर्यावरण नियोजन – JDA क्षेत्र का विस्तार होने से हरित क्षेत्रों और पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने के लिए नियोजित विकास किया जाएगा।
JDA की कार्ययोजना: कब तक पूरी होगी प्रक्रिया?
JDA ने इन गांवों को अपने क्षेत्र में शामिल करने की प्रक्रिया को तीन चरणों में पूरा करने की योजना बनाई है।
पहला चरण: JDA अधिकारियों द्वारा राजस्व रिकॉर्ड का सर्वेक्षण और परीक्षण किया जाएगा।
दूसरा चरण: JDA द्वारा तैयार किए गए प्रस्ताव को राज्य सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
तीसरा चरण: राज्य सरकार की मंजूरी के बाद अधिसूचना जारी होगी, जिसके बाद JDA नया मास्टर प्लान तैयार करेगा।
सरकार से मंजूरी के बाद जारी होगी अधिसूचना
यह प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जाएगा, जहां से स्वीकृति मिलने के बाद JDA अधिसूचना जारी करेगा।
इन नए 633 गांवों को JDA रीजन में शामिल करने के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा।
इसके बाद JDA 2047 तक की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए नया मास्टर प्लान तैयार करेगा।
अगले कदम क्या होंगे?
अब JDA राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजेगा और उसकी स्वीकृति के बाद नए मास्टर प्लान का निर्माण शुरू करेगा। जयपुर के तेजी से बढ़ते विस्तार को ध्यान में रखते हुए यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है।