Saturday, 29 August 2026

साइबर अपराधों को रोकने के लिए 'ऑपरेशन साइबर शील्ड' में 171 प्रकरण दर्ज, 543 साइबर ठग गिरफ्तार, 319 के कार्रवाई, 8.87 करोड़ रुपये होल्ड


साइबर अपराधों को रोकने के लिए 'ऑपरेशन साइबर शील्ड' में 171 प्रकरण दर्ज, 543 साइबर ठग गिरफ्तार, 319 के कार्रवाई, 8.87 करोड़ रुपये होल्ड

राजस्थान पुलिस ने साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए 2 जनवरी से 31 जनवरी 2025 तक ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ नामक विशेष अभियान चलाया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर इस अभियान के तहत प्रदेशभर में साइबर ठगों पर कड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस मुख्यालय की सघन मॉनिटरिंग के चलते इस अभियान में 171 साइबर अपराध के प्रकरण दर्ज किए गए, 543 अपराधी गिरफ्तार हुए, 319 के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई और 8.87 करोड़ रुपये होल्ड कराए गए।

राजस्थान पुलिस के महानिदेशक (DGP) उत्कल रंजन साहू ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि यह अभियान 7 मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित था। इसमें साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी, ठगी में इस्तेमाल किए गए सिम और मोबाइल ब्लॉक करना, चोरी और गुम हुए मोबाइल बरामद करना, एनसीआरपी हेल्पलाइन 1930 पर आई शिकायतों पर कार्रवाई, साइबर अपराध से संबंधित रिकॉर्ड अपडेट करना, वांछित अपराधियों को गिरफ्तार करना और साइबर अपराध जागरूकता अभियान चलाना शामिल था।

बड़ी गिरफ्तारियां और जब्ती:‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ के तहत राजस्थान में 52,317 सिम कार्ड और 27,292 मोबाइल नंबर ब्लॉक किए गए। 5,201 गुम या चोरी हुए मोबाइल बरामद कर 4,991 पीड़ितों को लौटाए गए। इस दौरान 41.63 लाख रुपये नगद, 35 लैपटॉप, 58 कंप्यूटर, 847 मोबाइल, 740 सिम कार्ड, 660 एटीएम/क्रेडिट कार्ड, 19 राउटर, 18 चार पहिया वाहन और अन्य साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए।

प्रदेश के विभिन्न जिलों में हुई बड़ी कार्रवाई:श्रीगंगानगर जिले में पुलिस ने एक गिरोह का पर्दाफाश किया, जिसने निवेश के नाम पर 2,000 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की थी। इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, 200 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त की गई, 10 लाख रुपये नगद और 85 लाख रुपये की लग्जरी कार बरामद की गई।

डूंगरपुर जिले में पुलिस ने 1 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में लिप्त 8 अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 16 मोबाइल और 22 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए।

जयपुर (आयुक्तालय) में पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया, जिससे 30 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया। इस मामले में 6 अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए और 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।

बूंदी जिले में साइबर अपराध थाना पुलिस ने मार्केटिंग कंपनी में निवेश के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया। इस गिरोह के पास से 52.79 लाख रुपये नकद बरामद किए गए, और विभिन्न खातों में फ्रीज किए गए 74 लाख रुपये सहित कुल 1.26 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस लौटाए गए।

जोधपुर (आयुक्तालय) में पुलिस ने 7 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े 4 मामलों में 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

साइबर सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान:राजस्थान पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ 12 लाख 23 हजार से अधिक नागरिकों को जागरूक करने के लिए 9,837 कार्यक्रम आयोजित किए। इसमें 23,409 पुलिस मित्र, सीएलजी सदस्य, सुरक्षा सखी और वॉलंटियर्स ने भाग लिया, जबकि 1,293 स्वयंसेवी संगठनों ने भी इस अभियान में सहयोग दिया।

अभियान की सफलता और आगे की रणनीति: राजस्थान पुलिस ने इस अभियान के दौरान राज्यभर के पुलिस अधीक्षकों और नोडल अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया और नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से अभियान की समीक्षा की। इस अभियान के बाद प्रदेश में साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए और भी कठोर कदम उठाने की योजना बनाई जा रही है।

राजस्थान पुलिस ऑपरेशन साइबर शील्ड के दूसरे चरण की योजना बना रही है, जिसमें साइबर ठगी से बचाव के लिए तकनीकी सुधार, डिजिटल निगरानी, और साइबर सुरक्षा जागरूकता को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। साथ ही, साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के लिए एक समर्पित टीम का गठन किया जाएगा।

यह अभियान राजस्थान पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जिससे प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सका है।

इस दौरान अतिरिक्त महानिदेशक, पुलिस सीआईडी सीबी दिनेश एमएन, महानिरीक्षण पुलिस क्राइम ब्रांच प्रफुल्ल कुमार एवं पुलिस अधीक्षक एससीआरबी एवं साइबर अपराध शांतनु कुमार उपस्थित रहे।

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