



राजस्थान पुलिस ने साइबर अपराधों पर लगाम लगाने के लिए 2 जनवरी से 31 जनवरी 2025 तक ‘ऑपरेशन साइबर शील्ड’ नामक विशेष अभियान चलाया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर इस अभियान के तहत प्रदेशभर में साइबर ठगों पर कड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस मुख्यालय की सघन मॉनिटरिंग के चलते इस अभियान में 171 साइबर अपराध के प्रकरण दर्ज किए गए, 543 अपराधी गिरफ्तार हुए, 319 के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की गई और 8.87 करोड़ रुपये होल्ड कराए गए।
राजस्थान पुलिस के महानिदेशक (DGP) उत्कल रंजन साहू ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि यह अभियान 7 मुख्य बिंदुओं पर केंद्रित था। इसमें साइबर अपराधियों की गिरफ्तारी, ठगी में इस्तेमाल किए गए सिम और मोबाइल ब्लॉक करना, चोरी और गुम हुए मोबाइल बरामद करना, एनसीआरपी हेल्पलाइन 1930 पर आई शिकायतों पर कार्रवाई, साइबर अपराध से संबंधित रिकॉर्ड अपडेट करना, वांछित अपराधियों को गिरफ्तार करना और साइबर अपराध जागरूकता अभियान चलाना शामिल था।
डूंगरपुर जिले में पुलिस ने 1 करोड़ रुपये की साइबर ठगी में लिप्त 8 अपराधियों को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से 16 मोबाइल और 22 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए।
जयपुर (आयुक्तालय) में पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया, जिससे 30 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया। इस मामले में 6 अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए और 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
बूंदी जिले में साइबर अपराध थाना पुलिस ने मार्केटिंग कंपनी में निवेश के नाम पर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया। इस गिरोह के पास से 52.79 लाख रुपये नकद बरामद किए गए, और विभिन्न खातों में फ्रीज किए गए 74 लाख रुपये सहित कुल 1.26 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस लौटाए गए।
जोधपुर (आयुक्तालय) में पुलिस ने 7 करोड़ रुपये की साइबर ठगी से जुड़े 4 मामलों में 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
राजस्थान पुलिस ऑपरेशन साइबर शील्ड के दूसरे चरण की योजना बना रही है, जिसमें साइबर ठगी से बचाव के लिए तकनीकी सुधार, डिजिटल निगरानी, और साइबर सुरक्षा जागरूकता को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। साथ ही, साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायतों का त्वरित निस्तारण करने के लिए एक समर्पित टीम का गठन किया जाएगा।
यह अभियान राजस्थान पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जिससे प्रदेश में साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सका है।
इस दौरान अतिरिक्त महानिदेशक, पुलिस सीआईडी सीबी दिनेश एमएन, महानिरीक्षण पुलिस क्राइम ब्रांच प्रफुल्ल कुमार एवं पुलिस अधीक्षक एससीआरबी एवं साइबर अपराध शांतनु कुमार उपस्थित रहे।